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किस प्रकार रखें अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका जीवन हर प्रकार की बिमारीयों से मुक्त रहें। लेकिन अकसर लोग किसी ना किसी बिमारी के शिकार हो जाते हैं। इसकी वजह है सही मात्रा में शरीर को प्रोटीन ना मिल पाना। आपने कई बार गौर किया होगा कि कुछ लोग अकसर बिमार रहते हैं। इसका कारण है उनका कि इम्यून सिस्टन कमजोर होता हैं। जिसके कारण शरीर में विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, वायरस, फ्लू तरह-तरह के रोग होने लगते हैं। रोगप्रतिरोधक क्षमता शरीर मजबूत होने से शरीर स्वस्थ और व्यक्ति लम्बी आयु को जीवन यापन करता है। मजबूत इम्यूनिटी सिस्टम शरीर हृदय, किड़नी, मस्तिष्क, लीवर, फेफड़े, हड्यिां, शरीर के विभिन्न अंग स्वस्थ और रक्त संचार सुचारू रूप से चलता है। जो कि स्ट्रांग इम्यून सिस्टम की ओर संकेत करता है।

अकसर बुढ़ापे की ओर बढ़ने पर व्यक्ति का इम्यून सिस्टम प्राकृतिक रूप से कमजोर होने लगता है। जिससे शरीर में विभिन्न तरह के रोग होने लगते है। धीरे-धीरे व्यक्ति का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होने से सुनने, बोलने, चलने, फिरने, देखने आदि तरह से विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। अगर हमे अपना इम्यून सिस्टम स्ट्रांग रखना है तो सबसे ज्यादा अपने डाइट पर ध्यान देना होगा। जैसे किः-

  • संतुलित आहारः

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खाद्यपदार्थ नित्य डाईट में शामिल करें। जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल एवं फलों का रस खास तौर पर शामिल हैं।

  • नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स:-

इम्यून सिस्टम बढ़ाने में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स अपने रूटीन में शामिल करें। रिच एंटीऑक्सीडेंट्स फूड्स शरीर को संक्रमण, वायरल, बैक्टीरिया विभिन्न रोगों से बचाये रखने में खास सहायक होते हैं। जैसेः- संतरा, अंगूर, चैरी, आम।

  • सेलेनियमः

मशरूम, सूरजमुखी बीज, काजू, अण्डा, मछली, लाल मीट, प्याज, ब्राउन राईस, ओट्स, मटर, सलगम, चिकन रिच इम्यून बढ़ाने में सहायक है।

  • पौष्टिक संतरा एवं खट्टे मीठे फलः

रिच विटामिन सी वाले फल संतरा, अन्नास, नीबू, मौसमी और खट्टे मीठे फल विभिन्न तरह के संक्रमण, वायरल, फ्लू के प्रकोप को निष्क्रीय करते हैं। विटामिन सी वाले फल शरीर में एल.डी.एल. गुड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढाती है। और ब्लडप्रेशर को हमेशा नियंत्रण में रखती है। रिच फू्रटस हार्ट, किड़नी, मस्तिष्क, धमनियों, हड्डियों को स्वस्थ हैं। जोकि रोगतिरोधक क्षमता बढ़ाने में खास सहायक हैं।

  • स्वास्थ्यवर्धक बादामः

बादाम विटामिनस, मिनरलस खनिज तत्वों का भरपूर स्रोत है। बादाम सेवन शरीर में खास बी-टाईप एंटीबॉडीज कोशिकाओं को तैयार करती है। बादाम सेवन शरीर में जरूरी पौषक की पूर्ति के साथ-साथ डी.एन.ए. कोशिकाओं और शरीर से बैक्टीरिया को नष्ट करने में सक्षम है। बादाम, हृदय, किड़नी, मस्तिष्क, लीवर, हड्डियों, त्वचा, पाचन, रक्त संचार सुचारू रूप से स्वस्थ रखने में सहायक है। बादाम खायें या फिर अन्य तरह से बादाम दूध, में व्यंजन तैयार करने समय इस्तेमाल करें। हर तरह से बादाम सेवन इम्यून सिस्टम बढ़ाने का अच्छा स्रोत है।

  • स्वादिष्ट पालक:-

पालक को सुपर फूड भी कहा जाता है। डी.एन.ए. कोशिकओं में टूटने, क्षतिग्रस्त होने पर पालक सेवन कोशिकाओं की मरम्मत का कार्य करती है। पालक रिच विटामिन सी, फाईबर, आयरन, फोलेट, कैरोटीन के साथ-साथ एक रिच एंटीऑक्सीडेंट्स भी है। पेट पाचन कब्ज रक्त विकार, नेत्र रोग एंव विभिन्न तरह की बीमारियों को शरीर से दूर रखने में फायदेमंद है। पालक इम्यून सिस्टम बढ़ाने में सहायक है। पालक सब्जी, सूप, सलाद, जूस पौष्टिकता से भरपूर रिच इम्यून सुपर फूड श्रेणी में आता है।

  • लहसुन:-

लहसुन इम्यून सिस्टम बढ़ाने में रिच एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करता है। लहसुन खास इलिसिन तत्वों का निमार्ण करता है। जो शरीर को चोट इंफेक्शन, बैक्टीरिया, वायरल, संक्रमण, ब्लडप्रेशर और विभिन्न तरह के आन्तरिक बीमारियों में बचाने में सहायक है। इम्यून सिस्टम स्वेत रक्त कोशिकाओं में बढ़ाने के लिए रोज लहसुन सुबह खाली पेट खायें। और लहसुन किंचन में व्यजंन तैयार करने में अवश्य इस्तेमाल करें।

  • निरोग अदरक:-

अदरक स्वाद में तीखी जरूर है। परन्तु संक्रमण, वायरल, बैक्टीरिया नष्ट करने में अदरक खास है। अदरक में मौजूद आयरन, क्लोरीन, कैल्शियम, आयोडीन, करोटीन, विटामिन कम्पलैक्स पाचनतंत्र, हृदय, मस्तिष्क, लीवर, हड्डियों, त्वचा, रक्त संचार को सुचारू स्वस्थ रखने में सहायक है। अदरक एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीबैक्टीरिया रूप में महा औषधि है। इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए रोज अदरक चाय, अदरक पेय, अदरक किंचन में व्यंजन पकवान तैयार करते समय इस्तेमाल करें।

  • निरोग मशरूम:-

मशरूम सेलेनियम,एंटी बैक्टीरियल, एंटी ट्यूमर, एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर है। जोकि एक तरह से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है। सप्ताह में 25 ग्राम तक मशरूम पकवान अवश्य खाने चाहिए। मशरूम प्रजातियों में अधिक रोगप्रतिरोधक क्षमता प्रदान करनी वाली रेशी, मिटाके, शिटाके प्रजातियां खास है। मशरूप सब्जी, सूप, व्यंजन सप्ताह में 1-2 बार बच्चे बडे सभी सेवन करें। मशरूम रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का अच्छा माध्यम है।

  • निरोग हल्दी:-

हल्दी को हेल्दी से भी पुकारा जाता है क्योंकि हल्दी अपने आप में एक महा औषधि रूप है। हल्दी इम्यून सिस्टम बढ़ाने और रोगों को नष्ट करने में सहायक है। कच्ची हल्दी रस दूध के साथ पीने से इम्यून सिस्टम में तेजी से सुधार होता है। हल्दी दूध रक्त साफ करने और अंदुरूनी इंफेक्शन ठीक करने में सहायक है। हल्दी एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरिय और एंटीसेफ्टिक गुण एक साथ मौजूद हैं। हल्दी शरीर को संक्रमण, वायरल, रक्त विकार, कैंसर, फ्लू, त्वचा और विभिन्न तरह के सैकड़ों रोगों को नियंत्रण और मिटाने में सहायक है।

  • पौष्टिक ब्रॉक्ली (हरी गोभी):-

ब्रॉक्ली दिखने में सधारण अवश्य लगती है। परन्तु ब्रॉक्ली में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, ग्लूटाथियोन, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मिनरल तत्वों का भण्डार है। ब्रॉक्ली एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी बैक्टीरियल और एन्टीसेफ्टिक गुण एक साथ मौजूद हैं। ब्रोकली सलाद, सब्जी, व्यजंन सप्ताह में 1-2 बार अवश्य खायें। ब्रोक्ली सेवन रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने का अच्छा स्रोत है।

  • योगा व्यायाम सैर वर्कआउट:-

रोज सुबह शाम सैर, योगा व्यायाम, शरीरिक वर्कआउट करें। संतुलित पौष्टिक आहार के साथ-साथ योगा व्यायाम वर्कआउट करना भी जरूरी है। सैर, वर्कआउट, खेलकूद, दौड़भाग, डांस, साईकिलिंग, स्वीमिंग आदि तरह के दैनिक क्रिया कलाप इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने में सहायक हैं।

क्या ना करें ?-

  • धूम्रपान छोड़ दीजियेः

धूम्रपान करीब-करीब शरीर के हर अंग को नुकसान पहुँचाता है, आपके इम्यून सिस्टम को क्षतिग्रस्त करता है और हार्ट अटैक और फेफड़े के कैंसर की संभावना को बढ़ा देता है। निकोटिन खून में ऑक्सीजन की जगह खुद हिमोग्लोबीन के साथ जुड़ जाता है, और इस तरह कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुँचाने की क्षमता को घटा देता है। इसके अलावा, धूम्रपान शरीर को कार्सिनोजेनिक तत्वों और तारकोल के आगे असुरक्षित छोड़ देता है, जो आपके शरीर को ज़्यादा सक्रिय करके संक्रमण के जोखिम को बढ़ा देता है।

  • शराब सेवन में संयम रखें

पाचन के बाद अल्कोहल हानिकारक केमिकल्स को जन्म देता है, जो खून के सफ़ेद कोशिकाओं को नष्ट कर सकते हैं। अल्कोहल शरीर द्वारा बहुत से खनिज, विटामिन के शोषण को भी घटा देता है, और रक्त सेल काउंट पर बुरा असर डालता है

  • डॉक्टर की रायः

अगर पहले से कोई बीमारी है, तो नयी एक्सरसाइज या आहार अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

ट्रेडमिल या वजन उठाने जैसी एक्सरसाइज उपकरणों का इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें।

अगर अपनी जीवनशैली या आहार में आपको कोई बदलाव करना है, तो एक वक्त में एक ही को आजमायें। इस तरह, आप जान पायेंगे कि आपका शरीर इस पर क्या प्रतिक्रिया करता है।

विनीता झा
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