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महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा बीमारियां होने की संभावना, जानें कारण

डॉ.गौरव जैन
सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन,
धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशेलिटी अस्पताल

क्या आप जानते हैं कि औरतों की तुलना में मर्द ज्यादातर बीमारियों की चपेट में आते हैं। यदि बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं की तुलना की जाए, तो महिलाओं के बजाए पुरुषों में ज्यादा जीवन जीने की संभावना कम रहती है, क्योंकि उन्हें कई प्रकार की बीमरियां घेर लेती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, साल 2016 में महिलाओं की वैश्विक आबादी की औसत उम्र 72 साल थी। लेकिन लैंगिक आधार पर महिलाओं की औसत उम्र 74 साल दो महीने थी। वहीं, पुरुषों की औसत उम्र 69 साल आठ महीने थी। ह्यूमन मॉर्टेलिटी इंडेक्स के पास इस समय 40 देशों से जुड़े आंकड़े मौजूद हैं। इनमें स्वीडन और फ्रांस जैसे देशों के 1751 और 1816 के आंकड़े शामिल हैं। लेकिन रूस और जापान जैसे देशों के आंकड़े सिर्फ 20 वीं शताब्दी के उपलब्ध हैं। लेकिन इस डेटाबेस में हर साल महिलाओं की औसत उम्र के सामने पुरुष पिछड़ते देख रहे हैं।
इसको लेकर कई प्रकार के शोध किए गए जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमारियां घेरती हैं। जापान के वैज्ञानिकों के मुताबिक समय के साथ-साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है और बीमारियों से पुरुषों के प्रभावित होने की बढ़ती संभावना की वजह से उनकी उम्र पर इसका असर पड़ता है। जापान की टोकियो मेडिकल और डेंटल यूनिवर्सिटी इसको लेकर वैज्ञानिकों द्वारा शोध के बाद यह बात स्पष्ट होती है कि पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमारियां होती हैं। ब्रिटेन में न्यूकासल यूनिवर्सिटी और किंग्स कॉलेज, लंदन में हुए एक शोध के मुताबिक शोधकर्ताओं ने 28 देशों में एक व्यापक अध्ययन कर बताया है कि 50 साल या इससे अधिक उम्र के पुरुषों में मौत का खतरा हम उम्र महिलाओं से 60 फीसद ज्यादा होता है। इसके लिए पुरुषों में धूम्रपान की आदत और दिल की बीमारी की अधिकता को प्रमुख कारण माना गया है। इस लेख में पुरुषों की होने वाली मुख्य बीमारियों से कैसे बचा जाए और क्या-क्या सावधानियां बरती जाएं, समझने का प्रयास करेंगें। आखिर पुरुष ही महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमारियों के क्यों शिकार होता हैं-यह बहुत ही गंभीर विषय है कि आखिर पुरुष महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमारियों के घेरे में क्यों आते हैं। आपने महिलाओं की तो तमाम बीमारियां सुनी होंगी पर पुरुषों की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता जब कि कई शोधों के माध्यम से यह बात भी स्पष्ट हो चुकी है कि पुरुषों में कुछ बीमारियां महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा होती है। इसके कई कारण होते हैं, स्वस्थ जीवनशैली में लापरवाही, जीवन शैली में भिन्नता, धूम्रपान, एक्सरसाइज ना करना, असंतुलित खानपान व मद्यपान के कारण पुरुषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और वे जल्दी बीमार पड़ते हैं। वहीं जापान के वैज्ञानिकों के मुताबिक टी-कोशिकाएं शरीर का संक्रमणों से संरक्षण करती हैं और बी-कोशिकाएं हैं जो एंटीबॉडीज रिलीज करती हैं। ज्यादातर ‘टी’ और ‘बी’ कोशिकाओं की पुरुषों में तेजी से गिरावट देखी गई। इस कारण पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमारियां होने की संभावना रहती है। पुरुषों में होने वाली बड़ी बीमारियां-1- हार्ट अटैक पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है और इसके कई उदाहरण भी सामने आ रहे हैं कि चाहे वो कोई भी बडा कलाकार हो जिसकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई वह पुरुष ही था।

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हार्ट अटैक एक ऐसी समस्या है जिसको लेकर पुरुष लापरवाही भी ज्यादा करते हैं। इसके कई कारण होते हैं। तनाव, धूम्रपान, शराब का सेवन आदि अनेकों कारण होते हैं जिनसे पुरुषों में हार्ट अटैक होते हैं। इसके लिए कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी है। 1- स्वस्थ आहार लें, जिसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन व कैल्शियम हों। 2- डायबिटीज और बीपी की जांच समय-समय पर करवाते रहें। 3- तनाव से बचें, कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने न दें। 2- हाइपरटेंशन (हाई बीपी) पुरुषों में होने वाली बीमारियों में हाई बीपी सबसे प्रमुख समस्या है और हर बीमारी की जड़ भी यही है। हालांकि यह पुरुषों और महिलाओं में दोनो में हो सकता है पर यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा होती है। इसके कई कारण होते हैं जैसे-अस्वस्थ आहार, कम शारीरिक गतिविधी, मानसिक तनाव जैसी आदतों के कारण हाइपरटेंशन होने की संभावना अधिक रहती है। सावधानियां- बीपी से निजात पाने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की बहुत जरूरत है। 1- अपनी दिनचर्या के साथ उचित खान-पान रखें। 2- नियमित रूप से कोलेस्ट्राल लेवल की जांच करवाएं। 3- नियमित रूप से एक्सरसाइज या योगा करते रहें। 4-कम फैट वाले खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें। 5- मानसिक तनाव से दूर रहें। 3- फेफड़े की बीमारी- यह देखा गया है कि महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक धुम्रपान करते हैं और इसी कारण पुरुषों को फेफड़ों से संबंधित समस्याओं का सामना अधिक करना पड़ता है। पुरुष ज्यादातर बाहर काम करते हैं इसलिए वे वायु प्रदुषण के शिकार बनते हैं और फेफड़ों से जुड़ी तमाम तरह की बीमारियां होती हैं। इसलिए इसमें भी सावधानी की बहुत जरूरत है-1- यदि आप धुम्रपान कर रहे हैं तो उसे तुरंत छोड़ दें क्यों कि यह सबसे बड़ा कारण होता है फेफड़ों की समस्या के लिए। 2- स्वस्थ्य आहार लें। 3- नियमित व्यायाम करें या फिर जॉगिंग करें। 4- प्रोस्टेट कैंसर 40 साल के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक बना रहता है। एक प्रकार का कैंसर है जो प्रोस्टेट ग्रंथि मे होता है। प्रोस्टेट कैंसर तब शुरू होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि में कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर होने लगती हैं। प्रोस्टेट एक ग्रंथि है जो केवल पुरुषों में पाई जाती है। पुरुष की उम्र के अनुसार ही यह आकार बदलता रहता है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी द्वारा किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कैंसर के विकास का जोखिम 1.3 से 10.8 गुना अधिक होता है। पुरुषों में सबसे अधिक बढ़े हुए जोखिम एसोफैगल कैंसर (10.8 गुना अधिक जोखिम), स्वरयंत्र (3.5 गुना अधिक), गैस्ट्रिक कार्डिया (3.5 गुना अधिक), और मूत्राशय के कैंसर (3.3 गुना अधिक जोखिम) के होते हैं। यदि पुरुष की उम्र कम है तब यह एक अखरोट के आकार का होता है और ज्यादा उम्र के पुरुषों में यह आकार में भी बड़ा हो जाता है। पेशाब करने मे मुश्किल या जलन होना। इसके लक्षण भिन्न भिन्न प्रकार के होते हैं- मूत्र या वीर्य में खून आना, मूत्र करने मे दर्द होना, इरेक्शन करने या बनाए रखने में कठिनाई, बैठने पर दर्द या हड्डी मे दर्द होना। जैसे लक्षण प्रोस्टेट कैंसर के होते हैं। सावधानियां- 1- हालांकि यह कैंसर होने पर समय समय पर जांच व अल्ट्रासाउंड, पीएसए करवाते रहना चाहिए। 2- अपनी खाने में अधिक सब्जी ज्यादा लें, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। 3- भोज्य पदार्थों में कम वसा व कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को अपनाएं। 4- खाने में 1,500 मिलीग्राम कैल्शियम से अधिक प्रतिदिन सेवन न करें। 5- नियमित व्यायाम व योग अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 5- फैटी लिवर रोगआम तौर पर फैटी लिवर रोग होने का लक्षण दिखाई नहीं देते पर इसमें लीवर पर अतरिक्त चर्बी जमा हो जाती है। इसके बारे में अक्सर पता चलने पर देरी हो जाती है जिसके चलते लीवर खराब हो जाता है। अक्सर पुरुष ज्यादा शराब का सेवन करते हैं जिससे उनके लीवर में यह समस्या होती है। इसलिए इसमें कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। 1- पुरुषों को ज्यादा शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। 2- अपने खान पान में ज्यादा वसा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 3- नियमित व्यायाम करना चाहिए।
प्रस्तुति : विनिता झा

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