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मैं दिल तुम धड़कन’ शो की अभिनेत्री राधिका मुथुकुमार ने अपने ऑन-स्क्रीन मां बनने के अनुभव को किया साझा

मुंबई: एक मां होने के अनुभव को अक्सर प्यार और ताकत की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति माना जाता है, और हर स्त्री में यह एक स्वाभाविक भाव होता है। ‘शेमारू उमंग’के शो ‘मैं दिल तुम धड़कन’ में वृंदा का किरदार निभाने वाली राधिका मुथुकुमार के लिए ऑनस्क्रीन मां की भूमिका निभाना एक बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है। यह पहली बार है जब राधिका किसी शो में मां का किरदार निभा रही हैं और उन्होंने बताया कि कैसे यह किरदार उनके दिल के करीब आ गया है।

राधिका मुथुमुकर अपने और वृंदा के किरदार के बीच गहरे संबंध को साझा करते हुए बताती  हैं, “वृंदा का किरदार निभाना मेरे लिए एक खास यात्रा रही है। पहली बार मुझे ऑनस्क्रीन मां का किरदार निभाने का मौका मिला और जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट सुनी, तो मुझे तुरंत लगा कि मैं इसके लिए तैयार हूं। मेरा मानना है कि हर औरत के अंदर एक स्वाभाविक मातृत्व की भावना होती है; मातृत्व का एहसास सिर्फ जैविक संबंधों तक सीमित नहीं होता। जब मैंने अपने ऑनस्क्रीन बेटे कान्हा के साथ काम करना शुरू किया, तो मैंने उसे कभी सिर्फ एक किरदार के रूप में नहीं देखा। मैंने उसे हमेशा अपने बच्चे की तरह ही महसूस किया। सेट पर और सेट के बाहर भी, हमारी बॉन्डिंग बिल्कुल प्राकृतिक है। हम साथ खेलते हैं, मैं उसकी देखभाल करती हूं और जब मैं सेट पर नहीं होती, तो वो मुझे ढूंढता है। यह जुड़ाव मेरे लिए बिल्कुल स्वाभाविक है।”

वह आगे कहती हैं, “जब भी हम ऐसे सीन शूट करते हैं, जहां कान्हा को वृंदा से अलग किया जाता है, तो यह मेरे लिए बेहद भावुक पल होता है। उस बच्चे से अलग होने का ख्याल, जिसे आपने पूरे दिल से पाला हो वह असहनीय होता है और मैं उस भावनात्मक दर्द को वृंदा में उतारने की पूरी कोशिश करती हूं। यह एहसास बहुत ही सहज होता है शायद इसलिए ही कान्हा के साथ वाले सीन इतने प्रभावशाली लगते हैं। मेरा मानना है कि कोई भी मां ऐसी जुदाई का दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती और यही वजह है कि वृंदा की यात्रा मेरे लिए इतनी रोचक है। दर्शकों ने जिस तरह से हमारी कहानी और किरदारों को अपनाया है, वो मेरे लिए एक आशीर्वाद जैसा है। मुझे जो प्यार और समर्थन मिला है, उससे मैं अभिभूत हूं और आशा करती हूं कि ये समर्थन शो के आगे बढ़ने के साथ बना रहेगा।”

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