NEW English Version

प्रधानमंत्री ने 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में कहा कि ‘रक्षा शक्ति’ विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2026 के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘रक्षा शक्ति’ को शक्ति की सात धाराओं में से एक बताया। उन्‍होंने कहा यह 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण की कुंजी है। 15 अगस्त, 2026 को दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया और भारत के आधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा- “रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जब दुनिया भर के देश अपने हितों के बारे में अधिक सोच रहे हैं, तब भारत केवल दुनिया के लिए एक बाजार बनकर नहीं रह सकता। हमें ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियां विकसित करनी होंगी और हाइपरसोनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व करना होगा,”

आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार के संकल्प को दोहराते हुए श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुनिया में कई ऐसी चीजें उपलब्ध हैं जो सस्ती हैं और जल्दी मिल सकती हैं। लेकिन उन पर निर्भर रहने से न तो हमारी अपनी क्षमताओं का विकास होता है और न ही हमारी क्षमताओं की परीक्षा होती है। इसलिए, हमें अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा और अपने हितों की रक्षा स्वयं करनी होगी। इसीलिए हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मेक इन इंडिया, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों से भारतीयों का दिल जुड़ रहा है।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा भी रक्षा का एक ऐसा क्षेत्र है जहां देश युवाओं की क्षमताओं का उपयोग देश और दुनिया के लाभ के लिए कर सकता है।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने बदलते समय में रक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “आज युद्ध का स्वरूप बदल रहा है; अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि संघर्ष सीमाओं तक ही सीमित रहेगा। आधुनिक युद्ध रिफाइनरियों, बैंकिंग क्षेत्र या डेटा केंद्रों को निशाना बना सकता है, एक तरह से यह युद्ध का एक नया रूप है। इसमें बुनियादी ढांचे और कारखानों को नष्ट किया जा रहा है। हमने कुछ साल पहले ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की थी और इस पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आए बदलावों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने आगे कहा कि रक्षा निर्यात में लगभग 50 गुना वृद्धि हुई है और भारतीय हथियार लगभग 100 देशों तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, “चाहे चुनौती देश के भीतर हो या देश के बाहर, भारत हर स्थिति के लिए तैयार है… वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।”

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि सुरक्षित भारत का निर्माण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और उभरते खतरों से निपटने के लिए तैयारियों को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “पिछली शताब्दी के युद्धों के अनुरूप हमारे देश में विकसित नागरिक सुरक्षा प्रणालियां पुरानी पड़ चुकी हैं। आने वाले दिनों में हम नागरिक सुरक्षा का एक सशक्त नेटवर्क तैयार करेंगे। हम आधुनिक प्रणालियों की जानकारी उपलब्‍ध कराएंगे। आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए हम नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवी बलों का एक विशाल बल सृजित करने जा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका के बारे में भी बताया, इसमें रक्षा बल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “एनडीए से स्नातक होने वाली हमारी बेटियां बड़े आत्मविश्वास और अधिकार के साथ देश की सेना में अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।” साभार : पीआईबी

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Translate »