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हाथ पैर नहीं जज्बे से जीता जाता है मैच

जय नारायण इंटर कॉलेज, वाराणसी के मैदान पर दिव्याँग क्रिकेट खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि यह साबित हो गया कि मैच हाथ पैर से नहीं बल्कि जज्बे से जीता जाता है। पैर से दिव्यांग होने पर भी उछलकर कैच पकड़ना​, दौड़कर बाउंड्री रोकना तथा एक हाथ से चौके- छक्के लगाना वास्तव में दिव्य शक्ति का ही प्रदर्शन है।

अटल अजीत मेमोरियल दिव्याँग क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन पहला मैच उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच खेला गया जिसमें उत्तर प्रदेश टीम के कप्तान सुबोध राय ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम 16 ओवरों में 104 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। टीम की तरफ से सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज दीपक रहे जिन्होंने 40 गेंद में 33 रनों की पारी खेली, वहीं बिहार के लिए मुकेश और प्रताप ने 3-3 विकेट लिए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम एक समय 9 विकेट गवा कर संघर्ष कर रही किन्तु बिहार की टीम ने अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और आखिरी ओवर में मैच को जीता । बिहार की जीत के हीरो रहे कुंदन ने 26 रनों की पारी खेली। उत्तर प्रदेश के लिए विशाल ने 4 ओवर में  5 विकेट लिए। मैन ऑफ़ द मैच बिहार के प्रताप कुमार रहे।

टूर्नामेंट का फाइनल मैच पश्चिम बंगाल व बिहार के बीच खेला गया जिसमें पश्चिम बंगाल की टीम ने टाँस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवरों में 173 रन बनाया। पश्चिम बंगाल की ओर से सर्वाधिक 93 रन महेश ने 12 चौक एवं 3 छक्के की मदद से बनाया। बिहार की ओर से बाँलिंग करते हुए मुकेश ने 4 ओवरों में 33 रन खर्च करके 2 विकेट लिए। जवाब में खेलते हुए बिहार की टीम ने 10 ओवर पांच बाल खेल कर 77 रन ही बना सके सर्वाधिक योगदान बिहार की ओर से कुंदन ने 3 चौके की मदद से 15 बाँल खेलकर 17 रनों का योगदान दिया पश्चिम बंगाल की ओर से बोलिंग करते हुए तपन, प्रनव, देवाशीष व समरेश ने दो-दो विकेट लिया। फाइनल मैच के मैन ऑफ द मैच पश्चिम बंगाल के महेश साव रहे। मैन ऑफ द सीरीज व बेस्ट बैटमैन का खिताब भी महेश साव पश्चिम बंगाल को दिया गया। पश्चिम बंगाल के खिलाड़ी प्रणव को बेस्ट बॉलर का खिताब दिया गया तथा बेस्ट फील्डर का किताब बिहार के सुमित को प्रदान किया गया।

समापन समारोह में मुख्य रूप से कामाख्या पीठ के महंत सुमेर गिरी जी महाराज, कृपानंद जी महाराज, श्री अशोक चौरसिया महामंत्री भाजपा काशी प्रांत, प्रो मंगल कपूर, डॉ उत्तम ओझा, डॉ सुनीता तिवारी, डॉ नीरज खन्ना, डॉ मनोज तिवारी, मधुकर पाण्डेय, रविकांत मिश्रा, घनश्याम पांडेय, अजय दूबे, विशाल सिंह, राहुल चौरसिया, रितिका दुबे, करूणा सिंह, सुरेश सिंह विशाल केसरी, चंद्रकला रावत, नमिता व राधा सिंह, प्रदीप सोनी, वर्षा सिंह, आशुतोष सिंह, प्रदीप राजभर, सुबोध राय, अभिजीत विश्वास, कुमार देव व श्याम लाल मुख्य रुप से उपस्थित रहे। 

इस अवसर पर कृपानंद जी महाराज ने कहा कि हार जीत खेल का हिस्सा है किंतु दिव्यांग खिलाड़ियों का आपस में प्रेम सद्भाव सभी के लिए उदाहरण है।

डॉ. संजय चौरसिया अध्यक्ष उत्तर प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा कि शीघ्र ही भारत के पांचो जोन के दिव्यांग खिलाड़ियों के क्रिकेट मैच का आयोजन किया जाएगा।

दिव्यांग बंधु डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने खेल के मैदान पर अव्दितीय प्रदर्शन के साथ-साथ अपने स्वावलंबन का भी प्रदर्शन किया।

मैच की शानदार कमेंट्री अमूल्य उपाध्याय एवं आशीष सेठ ने किया।

डॉ. मनोज कुमार तिवारी

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