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युवाओं में जर्दा पान गुटका की बढ़ती लत

बिलासपुर गत दिनों पूर्व विभिन्न स्कूलों और कॉलेज के आसपास स्थित अवैध रूप से बेची जा रहे दुकानों एवं गोदाम से भारी मात्रा में तंबाकू सिगरेट व जर्दा युक्त पान गुटका जप्त किए गए थे।वहीं नकली जर्दा वाला माणिकचंद और सितार गुटखा महाराष्ट्र और एमपी से लाकर शहर- ग्रामीण इलाकों में खपाने का क्लू मिला है। तंबाकू गुटखा जो दरअसल स्वास्थ्य के लिए जहर है इसका अवैध कारोबार इतना फल फूल गया है कि अब प्रशासन भी इनके आगे असहाय हो गया है। बच्चे खासकर के छात्र और युवाओं में इसकी लत डाली जा रही है, जो भविष्य की पीढ़ी के लिए बहुत ही हानिकारक और खतरनाक है। इस पर प्रशासन को कड़ी और निर्णयात्मक कार्यवाही करना आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों द्वारा दबाव पड़ने पर प्रशासन ने छापामार कार्यवाही की लेकिन इतने पर ही बात बनती दिखाई नहीं दे रही है। यह अवैध कारोबार फिर जस का तस फल फूल रहा है।

शहर में आबकारी विभाग ने केवल एक दो बार ही बिक रहे अवैध प्रतिबंधित गुटखा पाउच को मौके पर जब्ती कार्यवाही की है, जो इन पर अंकुश लगाने के लिए नाकाफी है। वहीं नगर में मारे गए छापे के दौरान गोदाम का सुपरवायजर फरार हो गया और वहां पैकेजिंग का काम करने वाले कर्मचारियों को मालिक का नाम तक नहीं जानते हैं। इस वजह से खाद्य विभाग को ये पता नहीं चला है कि गोदाम का मालिक कौन है और गुटखे की पैकेजिंग कौन करवा रहा था। पता लगाया जा रहा है कि गोदाम में लगा बिजली मीटर किसके नाम पर इश्यू हुआ है, ये ब्योरा भी निकाला जा रहा है। हालांकि अब तक वसीम खान और जुगनानी दो नाम सामने आए हैं। वसीम खान गोदाम का सुपर वायजर है, जबकि जुगनानी उसका मालिक है। वसीम खान ही पूरा धंधा संभाल रहा था। पैकेजिंग करने से लेकर माल को ट्रक में भरकर रवाना करने तक उसकी जिम्मेदारी थी। कर्मचारी तो जुगनानी को जानते तक नहीं है। फूड विभाग जुगनानी के बारे में जानकारी जुटा रहा है। जुगनानी का मोबाइल नंबर पुलिस और आला अफसरों को सौंपा गया है ताकि कॉल रिकार्ड के जरिये उसका डिटेल मिलन पर उचित कार्रवाई  की जाएगी”।

ठोस कार्रवाई कहां कहां उचित 

अक्सर प्रशासन ने प्रतिबंधित और हानिकारक गुटखा पाऊच बेचने वालों के विरुद्ध छापमार कार्यवाही की है जो नाकाफी है। फिर यह दिखावे की कार्रवाई महीनों में एकाध बार की जाती है उसके पश्चात प्रशासन की गतिविधियां ठंडी पड़ जाती है। और अवैध गुटखा पाउच की दुकानें पुनः खुलकर अपना काम फिर करने लग जाती है, जिससे गुटखा पाउच की अवैध बिक्री अनवरत चालू रहती है।  प्रशासन को चाहिए की प्रतिबंधित तंबाकू गुटखा पाउच की अवैध बिक्री के साथ-साथ उसके उत्पादन कर्ता पर भी नकेल कसें। हमेशा देखा जाता है की प्रतिबंध की कार्यवाही अवैध विक्रेताओं के खिलाफ ही की जाती है लेकिन इस कारोबार जड़  में मूल वजह हैं वह उनके उत्पादन करने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं, उन पर प्रशासन हाथ तक नहीं डालता। जब तक गुटका पाउच और जर्दा बनाने वाली इन कंपनियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई कर उन्हें प्रतिबंधित कर बंद करने की पहल नहीं की जाती तब तक यह कारोबार चलता ही रहेगा। 

कहां-कहां बैन लगा है?

  • झारखंड में गुटखा और तंबाकू या निकोटिन युक्त सभी तरह के पान मसाला पर बैन लगा है। 
  • मध्य प्रदेश में 31 मार्च, 2012 को तंबाकू युक्त और निकोटीन युक्त गुटखा जैसे खाद्य उत्पादों पर बैन लगा था।
  • तेलंगाना में गुटखा और पान मसाला जो पाउच या पैकेट में पैक किए जाते हैं, 24 मई, 2024 से एक साल की अवधि के लिए प्रतिबंधित हैं! 
  • पश्चिम बंगाल में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण और बिक्री पर बैन लगा है!
  • महाराष्ट्र सरकार ने गुटखा और पान मसाला की बिक्री, प्रदर्शन, निर्माण और वितरण पर प्रतिबंध लगाया है! 0कर्नाटक सरकार ने सिगरेट, बीड़ी और चबाने वाले तंबाकू उत्पादों की खुली बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है! 

बैन लगाने की वजह

तंबाकू और निकोटीन जनता के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम पैदा करते हैं। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत हानिकारक पदार्थों की बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। गुटखा छोड़ना या फिर इसका सेवन जारी रखना आपका एक व्यक्तिगत फैसला हो सकता है। पर गुटखा खाने के नुकसान जानने के बाद भी अगर आप इसका सेवन करते है, तो इसे छोड़ने की आपको एक जबरदस्त कोशिश जरूर करनी चाहिए। वैसे तो ये करना बिल्कुल भी आसान काम नहीं है क्यूंकी इसकी आदत लगाना जितना आसान होता है, इसकी आदत छुड़ाना उतना ही कठिन होता है। पर स्मोटेक्ट आजादी जैसे हेल्दी ऑल्टर्नटिवस आपके इस सफर को आसान करने में मदद जरूर कर सकते है। ऐसे में अपने स्वास्थ के लिए, अपने परिवार की सलामती के लिए, आपको इसे छोड़ने की हिम्मत जरूर करना चाहिए। बाकी गुटखा खाने के नुकसान के बारें में आज सभी लोग वाकिफ है ही और वो ये भी जानते है की ये नुकसान हर एक गुटखा खाने वाले इंसान के साथ हो सकता है। तो आज ही गुटखा को ना करें और इसके फायदे को दोनों हाथों से गले लगाए !

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