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श्री अमित शाह ने कोकराझार, असम में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज असम के कोकराझार में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस भव्य आयोजन में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, विधानसभा अध्यक्ष श्री बिस्वजीत दैमारी, केन्द्रीय गृह सचिव और आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक सहित कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

बोडोलैंड में शांति और विकास की मिसाल

अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री अमित शाह ने ABSU की अहम भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बोडोलैंड क्षेत्र में स्थापित शांति, विकास और नए जोश के पीछे ABSU का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि ABSU की सक्रिय भागीदारी के बिना बोडो समझौता (Bodo Accord) संभव नहीं हो पाता और न ही इस क्षेत्र में स्थायी शांति कायम हो पाती। इस मौके पर, उन्होंने उन 5000 शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने संघर्ष कर बोडोलैंड को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया।

बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के सम्मान में दिल्ली में सड़क का नामकरण

श्री शाह ने घोषणा की कि बोडो समुदाय के महान नेता बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर दिल्ली में एक प्रमुख सड़क का नामकरण किया जाएगा। साथ ही, अप्रैल के पहले सप्ताह में दिल्ली में उनकी प्रतिमा (Bust) का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार और असम सरकार बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रह्मा के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।

शिक्षा और भाषा के क्षेत्र में अहम उपलब्धियाँ

गृह मंत्री ने ABSU द्वारा शिक्षा, सशक्तिकरण और विकास को आगे ले जाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ABSU के कारण ही बोडो भाषा माध्यम से 12वीं तक की पढ़ाई संभव हो पाई है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि बोडो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया, जिससे इसकी निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन बोडोलैंड में स्थापित शांति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।

BTR शांति समझौते की सफलता

गृह मंत्री ने 27 जनवरी 2020 को हुए बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) शांति समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जब यह समझौता हुआ था, तब विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाया था, लेकिन आज असम और केंद्र सरकार ने इसकी 82% शर्तों को पूरा कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अगले दो वर्षों में इस समझौते को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा, जिससे BTR में स्थायी शांति स्थापित होगी।

AFSPA हटाने और औद्योगिक विकास की पहल

श्री अमित शाह ने बताया कि 1 अप्रैल 2022 को पूरे BTR क्षेत्र से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (AFSPA) को हटा लिया गया था। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रॉडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत बोडोलैंड के मशरूम “Mushroom From Bodoland” को दिल्ली के बड़े होटलों में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि बोडोलैंड में शांति कायम होने के कारण ही यह क्षेत्र ‘डुरंड कप’ जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर सका। उन्होंने बोडोलैंड के युवा खिलाड़ियों से 2036 के संभावित भारतीय ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की।

बोडोलैंड में आर्थिक समृद्धि की ओर कदम

गृह मंत्री ने बताया कि बोडोलैंड के 12 से अधिक उत्पादों को GI Tag मिल चुका है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बोडोलैंड में अशांति, हिंसा और अलगाववाद की चर्चा होती थी, लेकिन अब यहां शिक्षा, विकास और उद्योग पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में असम सरकार ने बोडोलैंड के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि इस क्षेत्र की आबादी मात्र 35 लाख है।

उग्रवाद से मुख्यधारा की ओर बोडो युवा

श्री शाह ने बताया कि असम सरकार ने सैकड़ों युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) के 4881 पूर्व उग्रवादियों के पुनर्वास पर 287 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें से 90% राशि केंद्र सरकार ने प्रदान की है। उन्होंने रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि बोडोलैंड में पशुपालन, मत्स्यपालन और बागवानी सहित कई क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खोले जा रहे हैं।

असम में उग्रवाद मुक्त भविष्य की ओर कदम

श्री अमित शाह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 400 बोडो युवाओं को असम कमांडो बटालियन में भर्ती कर एक नई शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने अब तक असम में नौ उग्रवादी संगठनों से समझौता कर 10,000 से अधिक युवाओं को मुख्यधारा में शामिल किया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि जहां कभी गोलियां चला करती थीं, वहां आज बोडो युवा तिरंगा लहरा रहे हैं।

बाथो धर्म और बोडो संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाने का संकल्प

गृह मंत्री ने कहा कि बोडोलैंड के लोग बाथो धर्म को मानते हैं, जो पंचतत्व – अग्नि, वायु, पृथ्वी, आकाश और जल पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बाथो धर्म का गूढ़ संदेश दुनिया तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत में विकास की नई गाथा

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे पूर्वोत्तर को उग्रवाद, आंदोलन, ब्लॉकेड, बंद और हिंसा जैसी समस्याओं से मुक्त कर विकास की राह पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने असम में हाल ही में संपन्न इन्वेस्टमेंट समिट का जिक्र करते हुए बताया कि इससे 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश असम में आ रहा है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बोडो युवाओं से पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ने और शांति व विकास को प्राथमिकता देने की अपील की।

बोडोलैंड के लिए सुनहरे भविष्य की प्रतिबद्धता

अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बोडोलैंड के युवाओं को ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जाएगा, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार और असम सरकार बोडोलैंड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेंगी।

इस आयोजन ने बोडोलैंड क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह भरने का काम किया और यह स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए सुनहरे भविष्य की राह खोलेगा।

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