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अमेरिका से 388 भारतीयों को किया गया निष्कासित, सरकार ने संसद में दी जानकारी

संसद में शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका से कुल 388 भारतीय नागरिकों को निष्कासित किया गया है। इनमें से 333 लोगों को फरवरी में तीन अलग-अलग सैन्य विमानों के जरिए सीधे भारत भेजा गया, जबकि 55 भारतीय नागरिकों को पनामा के रास्ते वाणिज्यिक उड़ानों के माध्यम से वापस भेजा गया। यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।

अमेरिका में हिरासत में भारतीय नागरिक

मंत्रालय को यह भी पूछा गया कि क्या अमेरिका इस वर्ष निष्कासन के लिए चिह्नित भारतीय नागरिकों की जानकारी साझा कर रहा है और क्या अमेरिकी अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि इन लोगों को उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं। इसके अलावा, यह भी सवाल किया गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के साथ इन निष्कासित भारतीयों के “अमानवीय व्यवहार” को लेकर चिंता व्यक्त की है।

जवाब में मंत्री ने कहा, “जनवरी से अब तक 388 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निष्कासित किया गया है। इनमें से 333 को पहचान और सत्यापन के बाद तीन विशेष चार्टर्ड विमानों के माध्यम से सीधे भारत भेजा गया। ये उड़ानें 5, 15 और 16 फरवरी 2025 को भारत पहुंचीं। इसके अलावा, अमेरिका ने पनामा के माध्यम से 55 भारतीय नागरिकों को निष्कासित किया, जो वाणिज्यिक उड़ानों से भारत पहुंचे।”

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों ने हाल ही में भारत सरकार को 295 और भारतीय नागरिकों की जानकारी साझा की है, जिन्हें अमेरिका में अंतिम रूप से निष्कासन आदेश प्राप्त हो चुका है। इन व्यक्तियों की जानकारी का सत्यापन विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।

क्या सरकार अपने विमान भेजेगी?

मंत्रालय से यह भी पूछा गया कि क्या सरकार उन भारतीयों को वापस लाने के लिए अपने स्वयं के विमान भेजने की योजना बना रही है, जिन्हें अमेरिका अवैध अप्रवासी मानकर निष्कासित करने वाला है।

इस पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की 12-13 फरवरी को अमेरिका यात्रा के दौरान सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनी प्रवास को बढ़ावा देने और अवैध प्रवासन नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई करने पर चर्चा की गई थी।

“भारत की अवैध प्रवासन के खिलाफ स्थिर नीति को दोहराया गया, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि निष्कासित व्यक्तियों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए। दोनों देशों ने अवैध प्रवासन और मानव तस्करी को रोकने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता को स्वीकार किया। इसमें गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों और आपराधिक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर सहमति बनी,” उन्होंने कहा।

अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई

मंत्री ने बताया कि अमेरिका केवल उन्हीं भारतीय नागरिकों को निष्कासित कर रहा है, जो वहां के आप्रवासन कानूनों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।

उन्होंने कहा, “अवैध प्रवासन के साथ कई अन्य गैरकानूनी गतिविधियां भी जुड़ी होती हैं। इसके अलावा, जो लोग अवैध रूप से प्रवास करने के लिए प्रेरित किए गए थे, वे खुद कई अपराधों का शिकार बन गए हैं। हाल ही में लौटे व्यक्तियों ने अपने दर्दनाक अनुभवों को साझा किया है।”

5 फरवरी को अमेरिकी वायु सेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से 104 भारतीयों को वापस भेजा गया। यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध प्रवासियों पर की गई कार्रवाई के तहत भारत भेजा गया पहला जत्था था। इन निष्कासित भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर पूरे भारत में नाराजगी देखी गई।

मंत्री ने बताया कि “अमेरिका में 2012 से लागू निष्कासन प्रक्रिया के मानकों के अनुसार, निष्कासित व्यक्तियों को उड़ान के दौरान जंजीरों से बांधने की अनुमति दी गई है।”

भारत सरकार ने 5 फरवरी को भारत पहुंचे उड़ान में निष्कासित व्यक्तियों के साथ किए गए व्यवहार, विशेष रूप से महिलाओं को जंजीरों से बांधने को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

2009 से अब तक 15,564 भारतीय निष्कासित

संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2009 से 2024 तक अमेरिका ने कुल 15,564 भारतीय नागरिकों को निष्कासित किया है।

साथ ही सरकार से यह भी पूछा गया कि विभिन्न राज्यों से संबंधित इन व्यक्तियों को अमृतसर में ही उतरने के लिए क्यों चुना गया। इस पर मंत्री ने बताया कि “अमेरिकी विमान भारत में आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही उतरते हैं। किसी भी निष्कासन उड़ान के लिए लैंडिंग साइट का निर्धारण परिचालन सुविधा, भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश के मार्ग और विशेष रूप से निष्कासित व्यक्तियों के गंतव्य स्थान के आधार पर किया जाता है।”

राज्यवार और तिथि अनुसार निष्कासन आंकड़े

सरकार ने अमेरिका से निष्कासित 333 भारतीयों के राज्यवार और तिथि अनुसार आंकड़े भी साझा किए।

  • 5 फरवरी को निष्कासित 104 भारतीयों में पंजाब से 30, हरियाणा और गुजरात से 33-33, महाराष्ट्र से 3 शामिल थे।
  • 15 फरवरी को निष्कासित 117 भारतीयों में पंजाब से 65, हरियाणा से 33 और गुजरात से 8 थे।
  • 16 फरवरी को निष्कासित 112 भारतीयों में पंजाब से 31, हरियाणा से 44 और गुजरात से 33 थे।

इसके अलावा, पनामा के जरिए अमेरिका से वाणिज्यिक उड़ानों से भेजे गए 55 भारतीयों का विवरण भी साझा किया गया।

  • 20 फरवरी को 2 व्यक्ति, 23 फरवरी को 12, 27 फरवरी को 11, 28 फरवरी को 9 और 2 मार्च को 21 भारतीय वापस लौटे।

भारत सरकार अवैध प्रवासन पर सख्त रुख अपनाए हुए है, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रही है कि निष्कासित भारतीयों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।

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