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वैश्विक व्यापार में भारत की बड़ी छलांग, अमेरिका और चीन के बाद तीसरा स्थान: रिपोर्ट

भारत आने वाले पांच वर्षों में वैश्विक व्यापार में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक व्यापार वृद्धि में 6% योगदान देगा, जिससे यह दुनिया में चीन (12%) और अमेरिका (10%) के बाद तीसरे स्थान पर रहेगा। यह रिपोर्ट DHL और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस के संयुक्त अध्ययन का हिस्सा है।

भारत का व्यापारिक कद होगा और मजबूत

DHL ट्रेड एटलस 2025 के अनुसार, अगले पांच वर्षों में भारत अपनी तीसरी रैंकिंग बनाए रखेगा और व्यापार की गति के मामले में 15 स्थान की छलांग लगाकर 17वें स्थान पर पहुंच जाएगा। भारत की वार्षिक व्यापार वृद्धि दर 5.2% से बढ़कर 7.2% होने की उम्मीद है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2024 में भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में 13वें स्थान पर था, लेकिन 2019 से 2024 के बीच इसकी व्यापारिक वृद्धि दर 5.2% रही, जबकि वैश्विक व्यापार वृद्धि दर केवल 2% थी।

भारत: वैश्विक व्यापार का अहम केंद्र

DHL एक्सप्रेस के एसवीपी साउथ एशिया आर. एस. सुब्रमण्यम के अनुसार, “भारत का तेजी से बढ़ता व्यापार इसे पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला एक अहम व्यापारिक केंद्र बना रहा है। आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक व्यापार हिस्सेदारी और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता को लेकर हमें सतर्क भी रहना होगा।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हालांकि चीन को अक्सर व्यापार-केंद्रित अर्थव्यवस्था माना जाता है, लेकिन 2023 में भारत का वस्तु-व्यापार-से-GDP अनुपात लगभग चीन जितना ही था। यदि वस्तुओं और सेवाओं दोनों को ध्यान में रखा जाए, तो भारत की व्यापारिक तीव्रता चीन से अधिक थी।

विदेशी निवेश को लेकर भारत बना पसंदीदा गंतव्य

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के भविष्य के व्यापारिक विकास को मजबूती देने के पीछे विदेशी कंपनियों द्वारा भारत के विनिर्माण क्षेत्र में किए जा रहे बड़े निवेश का बड़ा योगदान है। 2023 में भारत, अमेरिका के बाद ग्रीनफील्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र था। इसके अलावा, भारत में निर्माण और उत्पादन क्षेत्र में निवेश सबसे प्रमुख बनकर उभरा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत व्यापारिक वृद्धि देखने को मिलेगी। दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया आने वाले वर्षों में व्यापार वृद्धि के मामले में अन्य क्षेत्रों से आगे रहने की संभावना रखते हैं।

वैश्विक व्यापार में एशिया की बढ़ती ताकत

DHL एक्सप्रेस के एशिया-प्रशांत के CEO केन ली के अनुसार, “आपूर्ति श्रृंखलाओं में लगातार हो रहे बदलावों के कारण एशिया वैश्विक बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरा है।”

भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापारिक विस्तार ने इसे वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है। विदेशी निवेश, व्यापार नीतियों में सुधार और बढ़ते विनिर्माण क्षेत्र के चलते भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक व्यापार में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगा।

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