NEW English Version

पूर्वोत्तर राज्यों का क्षेत्रीय बिजली सम्मेलन

क्षेत्रीय बिजली सम्मेलन का आयोजन सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग और केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की उपस्थिति में राजधानी गंगटोक में 26 अप्रैल को किया गया। इस सम्मेलन में श्री रतन लाल नाथ (त्रिपुरा के बिजली मंत्री), श्री एटी मोंडल (मेघालय के बिजली मंत्री), श्री एफ. रोडिंगलियाना (मिजोरम के बिजली मंत्री), श्री जिक्के ताको, विधायक सह विद्युत सलाहकार (अरुणाचल प्रदेश) और श्री संजीत खरेल (सिक्किम के विधायक सह सलाहकार) भी शामिल हुए। इसमें केंद्रीय बिजली सचिव, शामिल राज्यों के सचिव (विद्युत/ऊर्जा), केंद्रीय और राज्य विद्युत उपयोगिताओं के सीएमडी और बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भविष्य के लिए तैयार, आधुनिक और वित्तीय रूप से व्यवहार्य बिजली क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में बिजली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली क्षेत्र के संबंध में विशिष्ट चुनौतियों और समाधानों की पहचान करने में मदद करेगा।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान बिजली जरूरतों को पूरा करने में 0.1 प्रतिशत के मामूली अंतर के बावजूद, भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे। वर्ष 2014 से, बिजली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, और थर्मल, हाइड्रो, परमाणु और अक्षय ऊर्जा सहित उत्पादन के विभिन्न तरीकों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संबंधी चिंताओं का समाधान निकालना और गैर-जीवाश्म बिजली की ओर बढ़ना जरूरी है।

श्री लाल ने बताया कि आरडीएसएस और पीएम-जनमन जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से बिजली वितरण क्षेत्र की कठिनाइयों का समाधान किया जा रहा है और वंचित घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वितरण क्षेत्र खराब टैरिफ संरचनाओं, उप-इष्टतम बिलिंग और संग्रह तथा सरकारी विभागों के बकाया और सब्सिडी के भुगतान में देरी के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। वितरण क्षेत्र को व्यवहार्य बनाने के लिए एटीएंडसी घाटे और आपूर्ति की औसत लागत और औसत प्राप्त राजस्व के बीच के अंतर को कम करना आवश्यक है। इसे प्राप्त करने के लिए टैरिफ लागत का प्रतिबिंबित होना आवश्यक है।

श्री लाल ने स्मार्ट मीटरिंग कार्यों सहित आरडीएसएस के तहत कार्यों के निष्पादन पर भी जोर दिया, जिससे उपयोगिताओं के परिचालन घाटे में सुधार करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी कॉलोनियों सहित सरकारी प्रतिष्ठानों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए और पूर्वोत्तर क्षेत्र में पंप स्टोरेज सहित जल विद्युत क्षमता को देखते हुए राज्यों को उस क्षमता का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

भारत सरकार के सचिव (विद्युत ) ने बढ़ती बिजली मांगों को पूरा करने और भविष्य के सुधारों तथा आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बताया गया कि बिजली परियोजनाओं की लंबी अवधि को देखते हुए, वित्त वर्ष 2030 तक के लिए संसाधन पर्याप्तता योजना के अनुसार आवश्यक बिजली के लिए जल्द से जल्द समझौता करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, विभिन्न उपलब्ध वित्तपोषण मॉडल जैसे टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी), विनियमित टैरिफ तंत्र (आरटीएम), बजटीय सहायता या मौजूदा परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के माध्यम से संसाधन पर्याप्तता योजना के अनुसार अंतर-राज्यीय पारेषण क्षमताओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करना भी जरूरी है। सचिव ने आवश्यक समझौतों के माध्यम से गर्मियों में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए राज्यों की योजना पर भी जोर दिया।

सिक्किम के मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत किया और राज्य भर में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए प्रमुख कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बिजली क्षेत्र में और सुधार के लिए राज्य की प्रस्तावित योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भारत सरकार से हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध किया।

इस सम्मेलन में शामिल राज्यों ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को दिए गए महत्व के लिए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बिजली के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार से निरंतर सहयोग का अनुरोध किया।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »