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बिजली की आंखमिचौली लगातार जारी

शिकायत करने पर जवाब मिलता रहा- बस कुछ देर में बिजली आ जाएगी आप चिंता मत करिए

बिलासपुर। न्यायधानी में गत महीने से बिजली की आंखमिचौली जस की तस बनी हुई है। लोगों के घरों में पानी के किल्लत और अन्य घर कार्यालयों के कामों में परेशानियां बढ़ गई है। वहीं बिजली न होने से नलों में पानी नहीं आ रहा है। लोग गर्मी के दिनों में पहले से ही पानी की किल्लत से परेशान ऊपर से बिजली की आंखमचौली ने समस्या को दुगना कर दिया है। घर में रोशनी हो तो सुकून मिलता है और अगर अंधेरा हो तो घर में रहने का मन नहीं करता। लेकिन बिजली विभाग की लगातर अघोषित बिजली कटौती की आंखमिचौली से कोई एक नहीं बल्कि पूरा शहर परेशान है। बिजली से नाराज लोगों ने ऑफिस से लेकर विधायक के निवास तक घेराव किया है। इसके बाद भी बिजली विभाग नींद में नहीं जागा है। कोई कहता है कि बिजली विभाग के अधिकारी किस मोटी चमड़ी के बने हुए हैं, कोई कहता है कि उन्हें शहर में अंधेरा हो या रोशनी, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्हें सिर्फ महीने के बिजली बिल से मतलब है। जो समय पर बिजली बिल जमा नहीं करते, उनकी लाइन काट दी जाती है और पर अंधेरे में छोड़ दिए जाते हैं। दरअसल पिछले कुछ दिनों से शहर अचानक बिजली बंद होने, अघोषित बिजली कटौती और बिजली की आंखमिचौली की बीमारी से परेशान है, जिसका कोई इलाज अभी तक नहीं हो पाया। हालांकि शहर के लोग विधायक, महापौर, पार्षद और बिजली विभाग के आला अफसर स्तर तक जाकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अब हालत यह है कि लोग अब घर की बजाय अपनी गाड़ियों में रहते हैं, जहां एसी लगा होता है। लोग कहने लगे हैं कि बिजली का कोई भरोसा नही, कब आएगी और कब जाएगी इसका कोई पता नहीं। यह अपनी मरजी की मालिक बन गई है। लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और पिछले कई दिनों से इसकी आदत पड़ चुकी है।

विभाग सचिव की फटकार का कोई असर नहीं

आम शहरियों में दबी जुबान से यही कहा जाता है कि उर्जा विभाग के सचिव की फटकार के बाद भी बिजली विभाग के अफसरों को नींद नहीं खुली है। शिकायत करने पर अधिकारियों का एक ही जवाब होता है कि मेंटेनेंस का काम चल रहा है, ट्रांसफार्मर खराब हो गया है या टूट गया है, जिसमें ठेकेदार को काम पर लगाया गया है। बस कुछ ही देर में बिजली आ जाएगी, ऐसा सुनकर लोग वापस लौट जाते हैं।शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली की आंख मिचौली बंद नहीं हो रही है। हर दिन किसी भी समय अचानक बिजली बंद हो जाती है। सुबह सुबह जब किसी को अच्छी नींद आती है तो बिजली कटने से नींद खुल जाती है। बिजली के झटकों से आम जनता काफी परेशान है। लोग सीधे बोलते हैं कि अगर बिजली बंद करनी है तो कोई समय तय कर दिया जाए ताकि वे अपना काम पूरा करके आराम कर सकें।

लोग बोले- किसी भी दिन करेंगे घेराव

जूना बिलासपुर, मसानगंज, शनिचरी बाजार निवासियों का कहना है कि लागतार हो रही बिजली की आंख मिचौली से वे परेशान हैं। बिना सूचना के किसी भी समय बिजली बंद कर दी जाती है। बिजली गुल होने से पूरा काम अधूरा रह जाता है। यदि यही हाल रहा तो किसी दिन बिजली कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ेग।

किस काम है मेंटेनेंस…? 

 विभाग वाले बोलते हैं मेंटेनेंस कार्य चल रहा है फिर कहीं पर ट्रांसफार्मर तो कहीं पर बिजली तार टूटी रहती है। कहीं कहीं तो पूरे ट्रांसफार्मर और बिजली पोल को पेड़ों की लताओं ने ढंक लिया है। शहर के अनेक जगहों पर पेड़ों की डगालें बिजली तारों में  झुकी हुई दिखाई देती है, फिर भी मेंटेनेंस चल रहा हैबिजली की आंख मिचौली से अधिकारी कर्मचारी भी परेशान हैं। बिजली बंद होने के कारण  कार्यालयों में कोई काम नहीं हो रहा है। हितग्राही परेशान हैं। पिछले दो घंटे से बिजली की आंख मिचौली से सरकारी कार्यालयों का काम पूरी तरह ठप है। सोलर सिस्टम का बैटरी बैकअप सिस्टम खराब है। जिम्मेदार अधिकारी कोई सुधार नहीं कर रहे, जिससे आम जनता में आक्रोश देखा जा रहा है।

शहर की बिजली सुबह-सुबह ही बंद

 बिजली के पानी नहीं मिलता और भरी गर्मी से आम लोगों की हालत खराब हो जाती है। लगातार बिजली बंद होने से पीने के पानी की कमी और घरों में अंधेरा छाया रहता है। बिना बिजली के कई काम भी पूरी तरह धरे रह जाते हैं। शहर के वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी मोहन मदवानी ने कहा कि बिजली गुल होने की समस्या इस साल ही अधिक देखने को मिल रही है। इसके पीछे क्या माजरा है यह हम लोगों के समझ से बाहर है। इसके पहले कभी इतनी बिजली गुल शहर में नहीं हुआ, लेकिन इस वर्ष पिछले महीने से लगातार रोजाना ही शहर की बिजली गोल हो रही है जिससे शहर की जनता त्रस्त हो चुकी है। 

ट्रांसफार्मर का रखरखाव नहीं

शहर में कई जगह लगे ट्रांसफार्मर का ठीक से रख रखाव नहीं होने से कहीं स्पार्किंग होती है, तो कहीं फ्यूज उड़ जाता है। पॉवर कॉर्पोरेशन के उच्च अधिकारी बार-बार दिशा निर्देश देते हैं, लेकिन यहां को देखने और सुनने वाला नहीं है।। शहर के के कई जगहों में  ट्रांसफार्मर जरूर  लगे है, उसमें सुरक्षा के लिए जाली भी लगी हैं, लेकिन वह भी जर्जर हो गई है। ट्रांसफार्मर के ऊपर तार झाड़ियों से ढक गए है। चिंगराजपारा के सुभाष साहु ने बताया कि गर्मियों के दिनों में अक्सर यहां पर चिंगारी निकलती है। ट्रांसफार्मर के इर्द-गिर्द झाड़ियां लगी है। इससे करंट आने का खतरा बना रहता है। बरसात के समय यहां पर अक्सर करंट आने की शिकायत होती है। कई बार तो मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। ट्रांसफार्मर के आसपास कभी साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। आए दिन स्पार्किंग होती है।शहर में कई जगह बिजली के तार पेड़ की डालों के बीच झूलते रहते हैं। कभी-कभार इन तारों के आसपास में संपर्क आने से तेज स्पार्किंग होती है। तार भी टूट जाते हैं, लेकिन ट्री कटिंग के नाम पर महज खानापूर्ति होती है।

अक्सर शहर में कहीं पर ट्रांसफार्मर तो कहीं पर बिजली तार टूटने की शिकायत बनी रहती है। इसके कारण बिजली भी बंद हो जाती है। कई बार यह मेंटेनेंस के कारण भी हो जाता है। इसलिए ठेकेदारों से कहा गया है कि हर हाल में मेंटेनेंस और सुधार कार्यों की शीघ्र से शीघ्र पूर्ण करें ताकि आम जनों को कोई समस्या न होने पाए।

– एस के‌ जांगड़े 

अधीक्षण अभियंता 

विद्युत विभाग बिलासपुर

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