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भीड़भाड़ की स्थिति का सामना करने वाले 73 प्रमुख स्टेशनों पर एक स्टेशन निदेशक नियुक्त किया जाएगा


स्टेशन निदेशक को त्योहारों के दौरान ट्रेनों की क्षमता और उपलब्धता के अनुसार टिकटों की बिक्री को सीमित करने जैसे “तत्काल भीड़भाड़ कम करने के निर्णय” लेने का अधिकार दिया जाएगा

रेलवे स्टेशनों के बाहर चौड़े फुटओवर ब्रिज और स्थायी होल्डिंग एरिया बनाकर भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाएगा; 5 स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया के लिए पायलट प्रोजेक्ट प्रगति पर: अश्विनी वैष्णव

भारी भीड़ की स्थिति में भीड़भाड़ कम करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी, वॉकी-टॉकी, घोषणा प्रणालियाँ और वॉर रूम स्थापित किए जा रहे हैं

केवल कन्फर्म टिकट धारकों को ही प्लेटफॉर्म पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा; बिना टिकट और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को ट्रेन आने तक बाहरी प्रतीक्षा क्षेत्र में रहना होगा

भारतीय रेलवे ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए निम्नलिखित कार्य योजना बनाई है: –

  1. 73 चिन्हित स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग क्षेत्रों का निर्माण:
  • 2024 के त्यौहारी सीज़न के दौरान, स्टेशनों के बाहर होल्डिंग एरिया बनाए गए थे। सूरत, उधना, पटना और नई दिल्ली में ये प्रतीक्षालय बड़ी भीड़ को संभालने में सक्षम थे। यात्रियों को केवल तभी प्रवेश दिया जाता था जब ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म पर आती थी।
  • महाकुंभ के दौरान प्रयाग क्षेत्र के नौ स्टेशनों पर भी ऐसी ही व्यवस्था की गई थी।
  • इन स्टेशनों के अनुभव के आधार पर, देश भर के 73 स्टेशनों पर, जहाँ समय-समय पर भारी भीड़ होती है, स्टेशनों के बाहर स्थायी प्रतीक्षालय बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रतीक्षालय के भीतर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। यात्रियों को केवल तभी प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति होगी जब ट्रेनें प्लेटफार्म पर आएँगी। इससे प्लेटफार्म पर भीड़ कम होगी।
  • नई दिल्ली, आनंद विहार, वाराणसी, अयोध्या और गाजियाबाद स्टेशनों पर पायलट परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं।
  1. प्रवेश नियंत्रण:
  • 73 चिन्हित स्टेशनों पर पूर्ण प्रवेश नियंत्रण शुरू किया जाएगा।
  • कन्फर्म आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा।
  • बिना टिकट वाले या प्रतीक्षा सूची वाले यात्री बाहरी प्रतीक्षालय में प्रतीक्षा करेंगे।
  • सभी अनाधिकृत प्रवेश बिंदुओं को सील कर दिया जाएगा।
  1. चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज (एफओबी):
  • 12 मीटर चौड़े (40 फीट) और 6 मीटर चौड़े (20 फीट) मानक चौड़े फुट- ओवर- ब्रिज एफओबी के दो नए डिज़ाइन विकसित किए गए हैं। रैंप युक्त ये चौड़े एफओबी महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में बेहद कारगर रहे। ये नए मानक चौड़े एफओबी सभी स्टेशनों पर लगाए जाएँगे।
  1. कैमरे:
  • महाकुंभ के दौरान कैमरों ने भीड़ प्रबंधन में बड़े पैमाने पर मदद की। रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की कड़ी निगरानी और प्रबंधन में सहायक होंगे।
  1. युद्ध कक्ष:
  • बड़े स्टेशनों पर वॉर रूम विकसित किए जाएंगे। भीड़भाड़ की स्थिति में सभी विभागों के अधिकारी वॉर रूम में काम करेंगे।
  1. नई पीढ़ी के संचार उपकरण:
  • सभी अत्यधिक भीड़ वाले स्टेशनों पर वॉकी-टॉकी, उद्घोषणा प्रणाली, कॉलिंग सिस्टम जैसे नवीनतम डिजाइन के डिजिटल संचार उपकरण लगाए जाएंगे।
  1. नये डिजाइन का आईडी कार्ड:
  • सभी कर्मचारियों और सेवाकर्मियों को नए डिजाइन का आईडी कार्ड दिया जाएगा ताकि केवल अधिकृत व्यक्ति ही स्टेशन में प्रवेश कर सकें।

      8. कर्मचारियों के लिए नई डिज़ाइन की वर्दी:

  • सभी कर्मचारियों को नई डिज़ाइन की वर्दी दी जाएगी ताकि संकट की स्थिति में उनकी आसानी से पहचान की जा सके।

      9. स्टेशन निदेशक पद का उन्नयन:

  • सभी प्रमुख स्टेशनों पर एक वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन निदेशक के रूप में कार्यरत होंगे। अन्य सभी विभाग स्टेशन निदेशक को रिपोर्ट करेंगे।
  • स्टेशन निदेशक को वित्तीय अधिकार दिए जाएँगे ताकि वे स्टेशन के सुधार के लिए तत्काल निर्णय ले सकें।

      10. क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री:

  • स्टेशन निदेशक को स्टेशन और उपलब्ध ट्रेनों की क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री को नियंत्रित करने का अधिकार होगा।

इसके अलावा, स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अन्य हितधारकों के साथ समन्वय में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं :-

  • भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी/ राज्य पुलिस और संबंधित रेलवे विभागों के साथ समन्वय किया जाता है।
  • राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों को भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने और यात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाता है।
  • भारी भीड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति से बचने और यात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने हेतु जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारियों को फुट-ओवर ब्रिज पर तैनात किया जाता है।
  • भीड़ के बारे में सूचना एकत्र करने के लिए खुफिया इकाइयों (अपराध खुफिया शाखा (सीआईबी)/ विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी)) और सादे कपड़ों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है और तदनुसार जीआरपी/ पुलिस को शामिल करते हुए व्यवस्था की गई है।

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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