NEW English Version

विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा मिशन पर चर्चा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई

नई दिल्ली स्थित संसद भवन में आज विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा मिशन पर चर्चा के लिए संयुक्त रूप से एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत के स्वच्छ ऊर्जा बास्केट का विस्तार करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य और नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने को लेकर देश की प्रतिबद्धता को देखते हुए बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक के दौरान विभिन्न चालू और आगामी परियोजनाओं से 14 गीगावॉट की वृद्धि के माध्यम से भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को वर्तमान 8.8 गीगावॉट से 2032 तक 22 गीगावॉट तक बढ़ाने के रोडमैप की विस्तार से समीक्षा की गई।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोलने की सरकार की ऐतिहासिक पहल पर प्रकाश डाला और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) कार्यक्रम के प्रति उद्योगों की ओर से मिली मजबूत और जीवंत प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया। इसके परिणामस्वरूप व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध (आरएफपी) प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई। अप्रैल में आयोजित चौथी सलाहकार समिति की बैठक के परिणामों का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके, इसके लिए तेजी से काम किया गया।

विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रगति में तेजी लाने के लिए कई प्रमुख सुझावों की रूपरेखा तैयार की। इनमें नियामक मंजूरी को सुव्यवस्थित करना, प्रलेखन (दस्तावेजीकरण) को मानकीकृत करना, प्रसंस्करण समय सीमा को अनुकूलित करना, सामान्य प्रस्तावों पर जोर देना, लाइसेंसों को समन्वित करना और तकनीकी उन्नयन और क्षमता निर्माण में निवेश करना शामिल हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने निजी क्षेत्र के प्लेयर्स के बीच जागरूकता पैदा करने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इनमें से कइयों ने निजी भागीदारी के लिए परमाणु क्षेत्र को खोले जाने पर प्रसन्नता जाहिर की। विद्युत मंत्री ने समय-सीमा का पालन करने और स्थापित रोडमैप के अनुसार परियोजनाओं में तेजी लाने के महत्व पर बल दिया।

बैठक में परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती, विद्युत मंत्रालय के सचिव श्री पंकज अग्रवाल, एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री गुरदीप सिंह, भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री भुवन चंद्र पाठक के अलावा विद्युत एवं अणु ऊर्जा विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »