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डॉ. संदीप कुमार शर्मा को मिला “बागीश्वरी सम्मान”

नई दिल्ली, — केन्द्रीय राज्य सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग तथा कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि समय के साथ पुस्तक मेलों का स्वरूप भले ही बदल गया हो, लेकिन किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में पढ़ने की आदत में कमी आई है, फिर भी पुस्तकें ज्ञान, संस्कृति और विचारों की धरोहर हैं।

वे भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित दिल्ली पुस्तक मेला के अवसर पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (एफआईपी),, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और इंडियन रिप्रोग्राफिक राइट्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा साहित्यकारों को दिए जा रहे पहले “बागीश्वरी सम्मान” समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर (एफआईपी) के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. एस.एस. अवस्थी, और इटपो के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. संदीप कुमार शर्मा — ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य — साहित्य और मीडिया, दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस सम्मान से अलंकृत किए गए। डॉ. शर्मा एक प्रतिष्ठित उपन्यासकार, कथा-पटकथा एवं संवाद लेखक हैं। अब तक चार उपन्यास सहित विभिन्न विधाओं की लगभग 30 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। लोकप्रिय उपन्यासों में “दशग्रीव से दशानन”, “अनकही दास्तां”, और “केदारनाथ त्रासदी” विशेष रूप से चर्चित हैं। उपन्यास “दामन गांव का” पर आधारित धारावाहिक “दामन मिट्टी का” दूरदर्शन के किसान चैनल पर प्रसारित हो चुका है। दूरदर्शन और आकाशवाणी के जाने-माने लेखक के रूप में लगभग 875 एपिसोड दूरदर्शन पर और 100 से अधिक वार्ताएं, फीचर और नाट्य-रूपांतर आकाशवाणी से प्रसारित किए हैं। ‘मेरे आराध्य शिव’ और “मेरे आराध्य राम” का दस से अधिक भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए आपको अनेक सम्मान मिल चुके हैं। स्वतंत्र लेखक, निर्माता-निर्देशक होने के साथ-साथ IRRO की कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं।

इस अवसर पर हर्ष मल्होत्रा ने राष्ट्रीय सहारा के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अमित कुमार समेत कुल 17 साहित्यकारों/पत्रकारों को “बागीश्वरी सम्मान” प्रदान किया। अमित कुमार की अब तक चार पुस्तकें डायमंड बुक्स से प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें पत्रकारिता पर आधारित पुस्तक “जनसंपर्क” को दिल्ली सरकार के हिन्दी अकादमी द्वारा “साहित्यकृति सम्मान” मिल चुका है। इसके अलावा उनकी पुस्तकों में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की बायोग्राफी “सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी”, एक कविता संग्रह, और देश के प्रधानमंत्रियों पर आधारित “पीएम पावर” शामिल हैं, जिसे इस वर्ष की सर्वश्रेष्ठ दस पुस्तकों में स्थान मिला। उन्होंने हिन्दी के पहले उपन्यास “परीक्षा गुरु” का दूरदर्शन के लिए धारावाहिक रूपांतरण भी किया।

सम्मान पाने वालों में डॉ. संदीप कुमार शर्मा और अमित कुमार के अलावा डॉ. दिविक रमेश, प्रो. हरीश अरोड़ा, सविता चड्ढा, डॉ. हरीसिंह पाल, डॉ. वीरेंद्र शेखर, प्रो. सुधीर प्रताप सिंह, बी.एस. बागला, राकेश पाण्डेय, अतुल प्रभाकर, सुश्री सुनीता पंत बंसल, महेंद्र शर्मा, डॉ. कमलेश भट्ट कमाल, पत्रकार संजीव गुप्ता, सुरेंद्र पंडित, और लेखक मानस रंजन पात्र शामिल थे।

डॉ. एस.एस. अवस्थी ने कहा कि इन रचनाकारों को साहित्यिक, बौद्धिक, भाषाई और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्धि में उल्लेखनीय योगदान के लिए “बागीश्वरी सम्मान” प्रदान किया गया है, जो अब हर वर्ष दिया जाएगा। उन्होंने कहा — “लेखक समाज में परिवर्तन लाते हैं। यदि पुस्तकें नहीं होंगी तो समाज की प्रगति रुक जाएगी। इसलिए लेखकों को प्रोत्साहित करना हमारी जिम्मेदारी है।”एफआईपी के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान परंपरा आगे भी जारी रहेगी और और अधिक लेखकों को इसमें जोड़ा जाएगा।

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