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शिक्षा को केवल करियर निर्माण का साधन न मानकर जीवन निर्माण का आधार: प्रो. वंशीधर पांडेय

डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय में बी.ए. एवं बी.एफ.ए. प्रथम सेमेस्टर विद्यार्थियों हेतु ओरिएंटेशन कार्यक्रम सम्पन्न

डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय, के बहुउद्देशीय सभागार में कला एवं मानविकी संकाय,भाषा संकाय तथा ललित कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में नवप्रवेशित बी.ए. एवं बी.एफ.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, पाठ्यचर्या, संस्थागत मूल्यों एवं भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं महाविद्यालय के प्रेरणास्रोत डॉ. घनश्याम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात् प्रख्यात समाजविज्ञानी प्रो. वंशीधर पांडेय ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने शिक्षा को केवल करियर निर्माण का साधन न मानकर जीवन निर्माण का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को विवेकपूर्ण दृष्टिकोण, समर्पण एवं सृजनशीलता अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. पांडेय ने विशेष रूप से बी.ए. एवं बी.एफ.ए. जैसे पाठ्यक्रमों की सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, बौद्धिक क्षमताओं एवं मानवीय मूल्यों के विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।

महाविद्यालय प्रबंधक श्री नागेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक संसाधनों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

स्वागत भाषण हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव तिवारी ने दिया। तत्पश्चात् डॉ. विवेकानंद चौबे ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की संरचना, विषय चयन की प्रक्रिया एवं उससे जुड़ी शैक्षणिक सावधानियों से अवगत कराया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने अपने उद्बोधन में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधानपरक दृष्टि, सतत विकास की अवधारणा तथा पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक शैक्षणिक नवाचारों के संतुलन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों, संसाधनों तथा उपलब्ध अवसरों के प्रति सजग रहने और उन्हें आत्म-विकास के साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अंकिता यादव ने किया तथा श्री अरविंद चौबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण—डॉ. डी. वी. सिंह, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. विपुल कुमार शुक्ला, डॉ. रचना पांडेय, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. अभिषेक गुप्ता, श्री कुलदीप यादव, डॉ. संदीप राय, सुश्री खुशबू सिंह, श्रीमती रितु सिंह,  प्रीति शाह, डॉ. मुकेश विश्वकर्मा, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. धर्मराज यादव, डॉ. रितेश सिंह आदि की सक्रिय उपस्थिति रही।

यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए मात्र एक शैक्षणिक मार्गदर्शन सत्र न होकर आत्म-जागरूकता, जीवन कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

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