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भारत नवाचार के लोकतंत्रीकरण की दिशा में अग्रसर: डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में किया विचार-विमर्श

केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में “कनेक्टिविटी से आगे: भविष्य के नवाचार के इंजनों का लोकतंत्रीकरण” विषयक सत्र को संबोधित करते हुए भारत के नवाचार परिदृश्य और उसकी व्यापक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत नवाचार को केवल विशिष्ट प्रयासों तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि इसे जनांदोलन में बदलकर हर नागरिक के लिए सुलभ, समावेशी और प्रभावी बना रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत का लक्ष्य भविष्य के नवाचार के इंजनों को हर भारतीय के लिए उपयोगी बनाकर इसका लोकतंत्रीकरण करना है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025

नवाचार का लोकतंत्रीकरण और राष्ट्रीय उपलब्धियां

डॉ. चंद्रशेखर ने भारत में नवाचार के लोकतंत्रीकरण की दिशा में हुए व्यापक बदलाव को भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि अटल टिंकरिंग लैब्स, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहल नवाचार को आम नागरिक तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत जैसे शून्य और शतरंज का हवाला देते हुए कहा, “नवाचार हमारे डीएनए में है और हम इसे नई सदी के लिए जागृत कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने अपनी नवाचार यात्रा को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया है, और यही कारण है कि विश्व भारत पर विश्वास करता है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम भविष्य के नवाचार के इंजनों को हर भारतीय के लिए कारगर बनाकर इसका लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं।”

कनेक्टिविटी से रचनात्मकता तक

डॉ. चंद्रशेखर ने पिछले दशक में भारत की कनेक्टिविटी से रचनात्मकता की ओर नवाचार यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको-सिस्टम बन चुका है, जिसमें 1.9 लाख से अधिक स्टार्टअप और 80,000 से अधिक पेटेंट दर्ज हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, “कोड अब टियर-3 शहरों में लिखा जा रहा है और स्टार्टअप कॉलेज के छात्रावासों में जन्म ले रहे हैं। नवाचार अब विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आदत बनता जा रहा है।”

डिजिटल समावेशन और तकनीकी उपलब्धियां

डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजिटल समावेशन ने जेएएम ट्रिनिटी के माध्यम से लगभग 900 मिलियन उपयोगकर्ताओं तक कम लागत वाली इंटरनेट पहुँच सुनिश्चित की है, जबकि UPI के 10 बिलियन मासिक लेन-देन ने नवाचार को हर नागरिक तक पहुँचाया है।

उन्होंने चंद्रयान-3, स्वदेशी 4G/5G नेटवर्क, मेड-इन-इंडिया MRI और रक्षा निर्यात में 30 गुना वृद्धि जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति और आत्मनिर्भरता को दर्शाती हैं।

उद्यमिता और निवेश के अनुकूल सुधार

डॉ. चंद्रशेखर ने जीएसटी, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, श्रम कानूनों का सरलीकरण और पूर्वव्यापी कराधान की समाप्ति जैसे सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि इनसे भारत में पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, “भारत अब लाइसेंस राज से हटकर विश्वास-प्रधान मॉडल की ओर बढ़ रहा है और उद्यमियों को राष्ट्र-निर्माता के रूप में सम्मान दे रहा है।”

सत्र में शामिल विशिष्ट प्रतिनिधि

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 के इस सत्र में राकुटेन ग्रुप के अध्यक्ष एवं CEO श्री हिरोशी मिकितानी, टी-मोबाइल के मुख्य नेटवर्क अधिकारी श्री अंकुर कपूर और GSMA के अध्यक्ष श्री गोपाल विट्टल ने भी भाग लिया। उन्होंने भारत के नवाचार परिदृश्य, डिजिटल नेटवर्किंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में इसकी भूमिका पर विचार साझा किए।

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