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अब आवारा मवेशियों को हाईवे किनारे बने गौशाला में मिलेगी पनाह

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के हाईवे और प्रमुख सड़कों पर बेसहारा गोवंश की सुरक्षा के लिए एक अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की है। अब सड़क दुर्घटनाओं और सड़कों पर घूमते बेसहारा मवेशियों की समस्या पर लगाम लगेगी।

सड़क किनारे हर पांच में किलोमीटर के दायरे में बनी गौशाला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना के तहत हर पांच किलोमीटर के दायरे में हाईवे किनारे टीन शेड गोशालाएं बनाई जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य सड़कों पर बैठे या घूमते बेसहारा मवेशियों को तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले हादसों से बचाना है। अक्सर बारिश या ठंड के दिनों में गायें सड़क पर आकर बैठ जाती हैं, जिससे न केवल उनका नुकसान होता है, बल्कि कई बार गंभीर दुर्घटनाएं भी घटित होती हैं।

गौशाला की सड़क बनाने वाली कंपनी को जिम्मेदारी  

अब सड़क निर्माण के टेंडर में यह शर्त जोड़ी जाएगी कि सड़क बनाने वाली कंपनी ही इन गोशालाओं का निर्माण करे और साथ ही बेसहारा गोवंश को सुरक्षित गोशाला तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू वाहन भी उपलब्ध कराए। यह योजना केवल दुर्घटनाओं को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सड़क यातायात भी सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। 

अब प्रदेश की सड़कें होंगी दुर्घटनामुक्त 

प्रदेश के सड़कों पर अब यात्रियों को सुरक्षित और सहज सफर का अनुभव मिलेगा, जबकि बेसहारा गायें और अन्य मवेशी संरक्षित रहेंगे। विधानसभा में भी सड़कों पर घूमते बेसहारा मवेशियों को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इसे गंभीर मुद्दा बताया था, जिसके बाद कई मंत्रियों और विधायकों ने गोवंश संरक्षण के सुझाव दिए। इन सुझावों पर अमल शुरू हो गया है।

‘यह देशभर में पहली बार है, जब सड़क विकास और पशु संरक्षण को एक साथ जोड़ा गया है। हमारा उद्देश्य है कि हाईवे पर अब कोई भी बेसहारा गाय या मवेशी दुर्घटनाग्रस्त न हो, और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले।’

– आरके खांबरा, कार्यपालन अभियंता, एनएच

सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”

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