NEW English Version

हज 2026 की तैयारियों को गति देने के लिए भारतीय हज समिति का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित, डिजिटल सेवा मॉडल पर विशेष जोर

भारतीय हज समिति (एचसीओआई) ने हज-2026 के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों के अनुभव को अधिक सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने की, जिसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य और संघ राज्य क्षेत्र हज समितियों के प्रतिनिधियों तथा कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन की शुरुआत 17 नवंबर को मदीना में हुई दुखद बस दुर्घटना में मारे गए भारतीय हज यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट के मौन से हुई। इस घटना को स्मरण करते हुए, अधिकारियों ने हज यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने पर बल दिया।

डिजिटल और एआई-एकीकृत हज सेवाओं की दिशा में ठोस कदम

सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने अपने संबोधन में स्पष्ट निर्देश दिए कि हज से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से डिजिटलीकृत, पोर्टल-आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से एकीकृत हों। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में मैन्युअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम करते हुए एक पारदर्शी, सरल और सुगम प्रणाली विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन चरण से लेकर हज संपन्न होने के बाद की सेवाओं तक सभी सुविधाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे तीर्थयात्रियों को समय पर सूचनाएं, वित्तीय लेनदेन से संबंधित सहायता और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित मदद मिल सकेगी।

लंबित बकायों की वापसी में तेजी का निर्देश

डॉ. कुमार ने भारतीय हज समिति को स्पष्ट निर्देश दिया कि हज यात्रियों के सभी लंबित बकायों में से 75 प्रतिशत राशि तुरंत वापस की जाए। शेष 25 प्रतिशत का भुगतान सत्यापन और लेखा परीक्षण पूरा होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने यह भी सलाह दी कि समिति लेखा-प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए किसी पेशेवर वित्तीय प्रबंधन सेवा (एफएमएस) कंपनी की नियुक्ति करे, जिससे वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो।

हज यात्रा को अधिक सुचारू और सुविधाजनक बनाने का भरोसा

भारतीय हज समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शानवास सी ने मंत्रालय को आश्वस्त किया कि समिति हज-2026 को अब तक के सबसे व्यवस्थित और यात्री-अनुकूल अनुभव में बदलने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए हज व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

संयुक्त सचिव राम सिंह, जिन्होंने हाल ही में सऊदी अरब का दौरा किया था, ने हज-2026 को अधिक सुगम बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। उन्होंने सऊदी प्रशासन के साथ हुई चर्चाओं और स्थल निरीक्षण से प्राप्त निष्कर्षों को साझा किया।

राज्य समितियों ने उठाए जमीनी मुद्दे

सम्मेलन में विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की हज समितियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और जमीनी स्तर पर हज यात्रियों को होने वाली समस्याओं और चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रमुख चिंताओं में शामिल थे:

  • आरोहण स्थलों तक लंबी यात्रा दूरी
  • बुजुर्ग और विशेष रूप से सक्षम यात्रियों के लिए आवागमन एवं पहुंच संबंधी कठिनाइयाँ
  • आवास, चिकित्सा, भोजन और परिवहन से संबंधित कुछ अव्यवस्थाएँ

प्रतिनिधियों ने मांग की कि इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि हज-2026 के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मंत्रालय और हज समिति की सामूहिक प्रतिबद्धता

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय हज समिति दोनों ने यह स्पष्ट किया कि हज-2026 की तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि सभी संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाकर व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत, पारदर्शी और यात्रियों के हित में बनाई जाएंगी। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि हज-2026 को भारतीय यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पूर्णतः तीर्थयात्री-केंद्रित यात्रा अनुभव बनाया जाएगा।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »