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नियुक्ति पत्र राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लिए एक ‘संकल्प पत्र’ है: 18वें रोजगार मेले में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संदेश

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की परिवहन बटालियन, बेहलाना कैंप, चंडीगढ़ में शनिवार को 18वां मिशन रिक्रूटमेंट रोजगार मेला आयोजित किया गया। यह आयोजन पारदर्शी, समयबद्ध और समावेशी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सार्वजनिक संस्थानों को सशक्त बनाने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सरकार के मिशन आधारित दृष्टिकोण की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा।

इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। समारोह में कुल 107 उम्मीदवारों को विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिनमें आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल्स, बैंकिंग संस्थान तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय शामिल हैं। यह विविधता रोजगार मेले के माध्यम से उपलब्ध सार्वजनिक सेवा अवसरों की व्यापकता को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों और उनके परिवारजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की जिम्मेदारी है, जहां सरकारी नीतियां और योजनाएं जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदलती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

श्री पुरी ने रोजगार मेला पहल की राष्ट्रीय व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके आरंभ से अब तक देशभर में 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा सरकार की मिशन मोड में भर्ती करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में किया गया यह आयोजन मात्र एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक क्षमता और सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

भारत की आर्थिक यात्रा पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश ने अभाव के प्रबंधन से निकलकर व्यापक स्तर पर क्षमता निर्माण की ओर उल्लेखनीय प्रगति की है। विनिर्माण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का विकास दृष्टिकोण समावेशी है, जहां आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समावेशन को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

उन्होंने लोक प्रशासन में सेवा को मूल मूल्य बताते हुए नवनियुक्त कर्मियों से आग्रह किया कि वे अपने पेशेवर जीवन को योग्यता, सत्यनिष्ठा और शिष्टाचार के स्तंभों पर आधारित रखें। ये मूल्य प्रभावी, उत्तरदायी और विश्वसनीय शासन की नींव होते हैं। वर्दीधारी बलों, बैंकिंग संस्थानों और प्रौद्योगिकी आधारित विभागों में नियुक्त युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और नागरिक केंद्रित डिजिटल शासन सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के अगले चरण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशभर के 44 स्थानों पर एक साथ आयोजित रोजगार मेलों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस चरण में वितरित किए गए कुल नियुक्ति पत्रों में से लगभग 49,200 गृह मंत्रालय और उससे संबद्ध बलों से संबंधित हैं, जो आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।

समारोह के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए एक संकल्प पत्र है। यह एक ऐसा निमंत्रण है जो नवनियुक्त युवाओं को उनके संवैधानिक कर्तव्यों के और निकट लाता है।

प्रधानमंत्री ने 24 जनवरी को संविधान द्वारा जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम को राष्ट्रगीत के रूप में औपचारिक स्वीकृति दिए जाने का स्मरण करते हुए इन दोनों के शाश्वत मूल्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये मूल्य नवनियुक्त कर्मियों के कार्य और आचरण का मार्गदर्शन करें। वसंत पंचमी के अवसर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय युवाओं के जीवन में नए अवसरों और नई ऊर्जा के आगमन का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि युवाओं को कौशल से जोड़ना, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है, इसी उद्देश्य से रोजगार मेला मिशन मोड में शुरू किया गया। भारत की आर्थिक शक्ति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व की उन चुनिंदा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जिसने एक दशक के भीतर अपने सकल घरेलू उत्पाद को दोगुना किया है। साथ ही सौ से अधिक देशों द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से भारत में निवेश किया जाना, वैश्विक स्तर पर भारत के विकास पथ में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

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