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भारत का बजट 2026-27: अनुशासन के साथ विकास को गति, इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर और भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी – एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान

केंद्रीय बजट 2026–27, जो कर्तव्य भवन से पेश किया गया पहला बजट है और माननीय वित्त मंत्री का लगातार नौवां बजट है, यह साफ संदेश देता है कि तेज़ आर्थिक विकास और वित्तीय अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं। यह बजट वित्तीय संतुलन के रास्ते पर मजबूती से बना हुआ है। इसमें राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.4% से घटकर 4.3% कर दिया गया है और कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 56.1% से घटकर 55.6% हो गया है। इससे भारत वित्त वर्ष 2031 तक 50% (±1%) के लक्ष्य की ओर सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सब मिलकर निवेशकों और बाजारों को यह भरोसा देता है कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर है और सरकार की नीतियाँ भरोसेमंद हैं।

भारत का बजट 2026-27: अनुशासन के साथ विकास को गति, इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर और भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी - एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का सबसे बड़ा आधार बना हुआ है। सार्वजनिक कैपेक्स में करीब 12% की बढ़ोतरी कर इसे ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है। इसका मकसद निजी निवेश को आकर्षित करना, उत्पादकता बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स लागत कम करना है। बजट में वित्तीय बाजारों को और मजबूत करने के लिए संतुलित कदम भी उठाए गए हैं। इनमें डेरिवेटिव्स पर एसएसटी बढ़ाना ताकि जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी पर रोक लगे, आरईआईटी के जरिए पीएसयू संपत्तियों का मुद्रीकरण, बॉन्ड इंडेक्स डेरिवेटिव्स की शुरुआत, और कॉरपोरेट बॉन्ड्स के लिए बेहतर मार्केट-मेकिंग व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा, गिफ्ट सिटी में आय पर कर छूट की अवधि 10 साल से बढ़ाकर 20 साल कर दी गई है, जिससे यह एफपीआई के लिए और ज्यादा आकर्षक बन जाएगी।

अर्बन फाइनेंस को मजबूती देने के लिए नगरपालिका बॉन्ड्स पर दोबारा ज़ोर दिया गया है। साथ ही, विदेशी मुद्रा और पूंजी बाजारों में किए गए नियामकीय सुधारों से व्यापार करना आसान होगा और भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ाव और मजबूत होगा। इसके अलावा, एनआरआई को भारतीय शेयर बाजार में सीधे पोर्टफोलियो निवेश की अनुमति देकर लंबे समय के डायस्पोरा पूंजी को देश की विकास यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बजट भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें रणनीतिक और उभरते हुए क्षेत्रों—जैसे सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, बायो-फार्मा, रेयर अर्थ्स, पर्यटन और टेक्सटाइल उद्योग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों पर ज़ोर देकर सरकार का लक्ष्य इनोवेशन को बढ़ावा देना, निर्यात बढ़ाना और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार पैदा करना है।

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 में वित्तीय समझदारी, इन्फ्रास्ट्रक्चर के ज़रिये विकास, वित्तीय बाजारों को गहरा करना और भविष्य के लिए तैयार सुधारों का संतुलित मेल दिखता है। यह बजट विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा के लिए मज़बूत नींव रखता है।

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