भारत में फिटनेस, खेल संस्कृति और जनभागीदारी को नई ऊर्जा देने वाले “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” के 75वें संस्करण ने इस बार राष्ट्रमंडल खेल दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक स्वरूप ग्रहण किया। देशभर में 8,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लाखों नागरिकों, खिलाड़ियों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों ने भाग लेकर स्वस्थ भारत और खेलोन्मुख भारत के संकल्प को मजबूत किया। इस राष्ट्रीय आयोजन का मुख्य केंद्र गुजरात का अहमदाबाद शहर रहा, जहां साबरमती रिवरफ्रंट पर हजारों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक विशाल जनआंदोलन का रूप दे दिया।
2030 में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की दिशा में अहमदाबाद को भारत की खेल राजधानी के रूप में प्रस्तुत करते हुए आयोजित इस समारोह में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी तथा अभिनेता एवं फिट इंडिया आइकन आयुष्मान खुराना ने संयुक्त रूप से भाग लिया। लगभग 5,000 साइकिल चालकों, एथलीटों, युवा स्वयंसेवकों और नागरिकों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि फिटनेस अब केवल व्यक्तिगत आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन चुकी है।

साबरमती रिवरफ्रंट पर खेल, संस्कृति और स्वास्थ्य का संगम
अहमदाबाद संस्करण की थीम थी — “एक स्वस्थ भारत के लिए एक नया प्रतीक : 2030 तक साइकिल चलाना”। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक फिटनेस गतिविधियों से हुई, जिसमें योग, जुम्बा और सामुदायिक व्यायाम सत्रों ने लोगों को उत्साह से भर दिया। इसके बाद आयोजित 5 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली ने साबरमती रिवरफ्रंट को ऊर्जा, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता के प्रतीक में बदल दिया।
यह आयोजन केवल एक फिटनेस कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत की बदलती खेल मानसिकता और जनस्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का व्यापक प्रदर्शन भी था। आयोजन स्थल पर युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि फिट इंडिया अभियान अब समाज के हर वर्ग तक पहुंच चुका है।
राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को मिला सार्वजनिक समर्थन
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण राष्ट्रमंडल खेलों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी रही, जिसका उद्घाटन डॉ. मनसुख मांडविया ने किया। प्रदर्शनी में भारत की खेल उपलब्धियों, खेलो इंडिया मिशन के तहत विकसित आधुनिक खेल अवसंरचना, युवा प्रतिभाओं के प्रशिक्षण और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को विस्तार से प्रदर्शित किया गया।
इस प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि भारत अब केवल खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक खेल आयोजनों की सफल मेजबानी के लिए भी तेजी से तैयार हो रहा है। अहमदाबाद को शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की संभावित मेजबानी से जोड़कर प्रस्तुत किया जाना, भारत की खेल नीति और दीर्घकालिक दृष्टि का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सामुदायिक खेलों ने बढ़ाया सहभागिता का दायरा
आयोजन को केवल औपचारिक मंच तक सीमित नहीं रखा गया। पिकलबॉल, बॉक्स क्रिकेट, वॉलीबॉल, रस्साकशी और कई अन्य सामुदायिक खेलों ने कार्यक्रम को उत्सवधर्मी वातावरण प्रदान किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को खेलों के प्रति आकर्षित करना और खेल संस्कृति को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सामुदायिक खेल आयोजनों से युवाओं में न केवल फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और टीम भावना भी मजबूत होती है।
खिलाड़ियों और ओलंपियनों की उपस्थिति बनी प्रेरणा
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी और राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेता भी शामिल हुए। हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर, रजनी एतिमार्पु, धाविका सोनिका तांडी, निशानेबाज अंजुम मौदगिल, अंकुर मित्तल और बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुर्गंडे जैसे खिलाड़ियों ने युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय ओलंपिक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय पटेल, ओलंपियन और निशानेबाज गगन नारंग, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव तथा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आदिल सुमारीवाला की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
संस्कृति और योग का अनूठा समावेश
कार्यक्रम में गुजरात की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी गई। प्रसिद्ध कलाकार अनीश रंगरेज द्वारा प्रस्तुत गरबा और योग के संयोजन ने पारंपरिक कला और आधुनिक फिटनेस अवधारणा का अनूठा उदाहरण पेश किया। इसके अतिरिक्त मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के डॉ. पवन कुमार ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य परामर्श और संतुलित जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी।
यह पहल इस बात का उदाहरण रही कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक फिटनेस अभियानों को साथ लेकर चलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
डॉ. मनसुख मांडविया का संदेश : फिटनेस से बनेगा विकसित भारत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि फिटनेस केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ जीवनशैली अपनानी होगी।
उन्होंने साइकिलिंग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय आंदोलन बताते हुए कहा कि इससे प्रदूषण कम होता है, ईंधन की बचत होती है और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने नागरिकों से छोटी दूरी के लिए साइकिल के उपयोग को दैनिक आदत बनाने की अपील की।
आयुष्मान खुराना ने युवाओं में जगाया उत्साह
अभिनेता आयुष्मान खुराना ने कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और युवाओं की ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष और आत्मविश्वास का मार्ग है।
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके परिवारों का त्याग और समर्पण होता है, जिसे सम्मान मिलना चाहिए। उनके अनुसार, आज कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों में ही भारत के भविष्य के ओलंपिक और राष्ट्रमंडल पदक विजेता मौजूद हैं।
देशभर में एक साथ आयोजित हुए कार्यक्रम
अहमदाबाद के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में भी “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” के विशेष आयोजन किए गए। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, खेलो इंडिया केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने गुवाहाटी में कार्यक्रम का नेतृत्व किया। पूर्व पहलवान बबीता फोगाट धर्मशाला में शामिल हुईं, जबकि पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम मुंबई में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा बनीं। इन आयोजनों ने यह दर्शाया कि फिट इंडिया अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।