नगर निगम एवं अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुंचाने तथा बिना अनुमति सड़क कटिंग किए जाने के प्रकरण में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसी के विरुद्ध 10 लाख जुर्माना लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा को जीटी रोड इंग्राम स्कूल के सामने निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति सड़क खोदकर फाइबर केबिल बिछाते हुए प्रकरण सामने आया। मौके पर नगर आयुक्त ने नगर निगम निर्माण विभाग व अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सिविल इंजीनियर से इस प्रकरण में नाराज़गी जाहिर करते हुए तत्काल संबंधित एजेंसी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण उपरांत नगर आयुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड श्री प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर जिओ फ़ाइबर डाल रही एजेंसी Gigatel Solutions को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में Gigatel Solutions द्वारा जियो फाइबर नेटवर्क विस्तार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सड़क कटिंग एवं चैंबर निर्माण का कार्य बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कराया गया।
नगर आयुक्त ने बताया उक्त प्रकरण की जांच में यह भी पाया गया कि उक्त कार्य के लिए नगर निगम अथवा अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से कोई वैध स्वीकृति नही दी गयी थी परिणामस्वरूप सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं तथा आमजन को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ा। एजेंसी को तत्काल प्रभाव से सभी अनधिकृत कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना (Restoration) का संपूर्ण व्यय स्वयं वहन करते हुए तत्काल कार्य कराने को कहा गया है। नगर आयुक्त बने बताया कि अधीनस्थों को सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार करने व संबंधित एजेंसी से उसकी भरपाई सुनिश्चित कराये जाने के आदेश दिए है।
नगर आयुक्त ने बताया कि अधिशासी अभियंता, सीडी-1 लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर आदेशित किया गया है कि सड़कों को हुई क्षति के सापेक्ष परियोजना प्रबंधक Gigatel Solutions, अलीगढ़ से 10 लाख रुपये का अर्थदण्ड वसूलते हुए एफआईआर दर्ज कराए। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा नगर निगम की सड़कें और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां जनता की अमूल्य धरोहर हैं। किसी भी संस्था या एजेंसी को बिना अनुमति इन्हें क्षति पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती सभी कंपनियों को नियमानुसार अनुमति प्राप्त करने के बाद ही कार्य करना होगा। यदि कोई एजेंसी नियमों की अनदेखी कर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नुकसान की भरपाई भी उसी से कराई जाएगी।