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उत्तर प्रदेश का पहला नगर निगम जहां ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और एनाउनेसमेंट सिस्टम से लैस होगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था

अलीगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं जाममुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन तथा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का संयुक्त निरीक्षण कर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।अधिकारियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट सर्विलांस, ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल संचालन, हाई-रेजोल्यूशन कैमरों तथा ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम कम करने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।

निरीक्षण के दौरान समीक्षा में शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा।

नगर आयुक्त ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा।

जिलाधिकारी व एसएसपी को नगर आयुक्त ने अवगत कराया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी (येलो लाइन) अंकित कराई गई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है, जिससे यातायात की निगरानी की जा रही है।

नगर आयुक्त ने बताया कि जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल उपलब्ध नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों के भीतर नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी।

साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम स्थापित किए जाने पर भी सहमति बनी, यह प्रणाली कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित होगी।

उन्होंने बताया कि यदि कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा।

नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिली है।

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी तथा शहर की यातायात व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। तकनीक आधारित निगरानी से यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित होगा तथा नियमों के पालन में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम शहर को स्मार्ट, सुरक्षित और जाममुक्त बनाने के लिए निरंतर तकनीकी को लागू कर रहा है। एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नल हाईरेजोल्यूशन कैमरे पीली पट्टी ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम तथा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से यातायात प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी।

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