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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरेथॉन को वर्चुअली दिखाई हरी झंडी

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन प्रांगण में आयोजित एक समारोह के दौरान राष्ट्रपति के अंगरक्षक (President’s Bodyguard – PBG) रेजिमेंट द्वारा आयोजित पीबीजी सोल्जरेथॉन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल एवं पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वी.के. सिंह भी उपस्थित रहे। वे इस पहल के संरक्षक के रूप में कार्यक्रम से जुड़े हैं।

समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने इस आयोजन की स्मृति में जारी किए गए विशेष डाक आवरण का भी विमोचन किया। यद्यपि उद्घाटन राष्ट्रपति भवन से किया गया, जबकि सोल्जरेथॉन का आयोजन दिल्ली छावनी स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में किया गया, जहां बड़ी संख्या में सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

पीबीजी सोल्जरेथॉन का उद्देश्य केवल एक दौड़ का आयोजन करना नहीं है, बल्कि समाज और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास, सम्मान और सहभागिता को सशक्त बनाना भी है। ‘सैनिकों के लिए दौड़ें, सैनिकों के साथ दौड़ें’ की संकल्पना पर आधारित यह पहल नागरिकों को देश की रक्षा में लगे सैनिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता और समर्थन व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।

इस वर्ष सोल्जरेथॉन की थीम ‘वास्तविक नायक – भारत के सशस्त्र बलों का समर्थन’ रखी गई। यह विषय सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को केंद्र में रखते हुए नागरिक समाज को राष्ट्ररक्षा के प्रति उनकी भूमिका और योगदान का सम्मान करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रतियोगिता को तीन श्रेणियों—3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर—में आयोजित किया गया, ताकि विभिन्न आयु वर्ग और शारीरिक क्षमता वाले प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकें। इस आयोजन में सैन्यकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी ने सेना और समाज के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का सशक्त संदेश दिया।

सोल्जरेथॉन से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सशस्त्र बलों के पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर को सहयोग प्रदान करने, युद्ध अथवा सैन्य अभियानों में हताहत हुए सैनिकों के परिवारों के कल्याण तथा अन्य सामाजिक सहायता कार्यक्रमों में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पीबीजी सोल्जरेथॉन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य राष्ट्रपति के अंगरक्षक बल के घोड़ों और सैनिकों के संरक्षण एवं कल्याण संबंधी आवश्यकताओं को भी समर्थन देना है।

राष्ट्रपति के अंगरक्षक रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित इकाइयों में से एक है। अपनी गौरवशाली परंपराओं, अनुशासन और विशिष्ट सैन्य विरासत के लिए प्रसिद्ध यह रेजिमेंट राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़ी औपचारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। ऐसे में पीबीजी सोल्जरेथॉन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सैनिकों के सम्मान, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने वाला अभियान बनकर उभरा है।

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