शेमारूमी अपनी नई हिंदी थ्रिलर ‘मिसिंग महिला’ के प्रीमियर के लिए तैयार है, जो दर्शकों को विवाह, रहस्य, संदेह और धोखे की दुनिया में ले जाएगी। मित्र गढ़वी और ईशा कंसारा अभिनीत यह सीरीज़ 27 अगस्त, 2026 को विशेष रूप से शेमारूमी पर प्रीमियर होगी।

रिश्तों की जानी-पहचानी, लेकिन अप्रत्याशित दुनिया की पृष्ठभूमि पर आधारित यह सीरीज़ इस बात को उजागर करती है कि जब आपके सबसे करीबी व्यक्ति का व्यवहार आपको अजनबी जैसा लगने लगे, तो विश्वास कितनी जल्दी संदेह में बदल सकता है। कहानी के केंद्र में एक ऐसा व्यक्ति है, जिसे लगता है कि एक अनोखे विवाह संबंध के माध्यम से उसे अपनी आदर्श जीवनसंगिनी मिल गई है। लेकिन, साथ पाने की एक साधारण-सी तलाश जल्द ही एक रहस्यमय मोड़ ले लेती है। जैसे-जैसे यह रिश्ता उलझने लगता है, वह खुद को उस महिला के बारे में ऐसे सवालों के सामने पाता है, जिन्हें उसने कभी पूछने की कल्पना भी नहीं की थी।
रोमांच, रहस्य, और रिश्तों की जटिलताओं को एक साथ पिरोते हुए ‘मिसिंग महिला’ विश्वास और धोखे के बीच की उस खतरनाक दुनिया को सामने लाती है, जहाँ दिखने वाली हर चीज़ सच नहीं होती और हमारे सबसे करीबी लोग ही सबसे बड़े रहस्य छिपा सकते हैं। इस सीरीज़ में मित्र गढ़वी, ईशा कंसारा, नक्षराज, हितेश ठाकर, राहुल रावल, जगजीतसिंह वढेर और धैर्य ठक्कर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन विशाल वड़ा वाला ने किया है।
‘मिसिंग महिला’ का हिस्सा बनने के बारे में बात करते हुए ईशा कंसारा ने कहा, “मुझे अपने किरदार सोनल की सबसे खास बात यह लगी कि वह पहली नज़र में जितनी दिखाई देती है, उससे कहीं अधिक है और उसे निभाते हुए उसकी परतों को समझना मेरे लिए दिलचस्प था। मेरे लिए सबसे रोमांचक बात यह थी कि मैं उस अनिश्चितता के साथ किरदार को निभा पाई और बहुत जल्दी उसके बारे में सब कुछ सामने नहीं आया। ऐसे किरदार को निभाना बेहद दिलचस्प था, जिसकी कहानी पहली नज़र में समझ में नहीं आती। ‘मिसिंग महिला’ में मुझे लगातार यह सोचना पड़ता था कि मेरा किरदार क्या दिखा रहा है और क्या अपने तक रख रहा है। इसी वजह से यह प्रक्रिया काफी रोमांचक रही, क्योंकि एक साधारण-सा पल भी किसी और मायने को समेटे हो सकता था। मुझे लगता है कि दर्शकों को कहानी का धीरे-धीरे सामने आना पसंद आएगा।”
मित्र गढ़वी ने कहा, “मुझे ऐसी कहानियाँ पसंद हैं, जो आपको अभी-अभी देखी हुई चीज़ पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दें और ‘मिसिंग महिला’ में यह खासियत है। कुछ पल बेहद सीधे-सादे लगते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है, जो उन पलों को देखने का आपका नजरिया बदल देता है। एक अभिनेता के तौर पर उस माहौल में काम करना रोमांचक था, क्योंकि आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना होता है कि दर्शक क्या जानते हैं और क्या नहीं। मुझे लगता है कि यही किसी थ्रिलर को दिलचस्प बनाता है। जब आप उसे दोबारा देखते हैं और पहली बार जो चीज़ छूट गई थी, उसे पहचान पाते हैं। भावेश का सफर खास तौर पर दिलचस्प है, क्योंकि शुरुआत में वह किसी रहस्य की तलाश नहीं कर रहा होता; बल्कि रहस्य अचानक उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है।”
‘मिसिंग महिला’ के साथ शेमारूमी अपने हिंदी कंटेंट की पेशकश को और मजबूत कर रहा है। मंच ऐसी कहानियाँ प्रस्तुत कर रहा है, जो भारतीय परिवेश और रिश्तों से जुड़ी हैं, साथ ही ऐसे विषयों को सामने लाती हैं, जो अलग-अलग दर्शक वर्गों से जुड़ते हैं। शेमारूमी की सामग्री में विभिन्न शैलियों और भाषाओं की कहानियाँ शामिल हैं, जिसमें अलग तरह की कथाओं और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक कहानी कहने पर विशेष ध्यान दिया गया है।