भारत के वस्त्र एवं फैशन उद्योग को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) और फ्रांस स्थित प्रीमियर विजन एसए के बीच बहुवर्षीय रणनीतिक साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते का उद्देश्य भारत और फ्रांस के वस्त्र एवं फैशन उद्योग के बीच व्यापार, सोर्सिंग, डिजाइन, स्थिरता तथा पारंपरिक शिल्प के क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत स्वरूप देना है।

यह समझौता 2 सितंबर 2026 को पेरिस में आयोजित प्रीमियर विजन प्रदर्शनी के दौरान हुआ। समझौता ज्ञापन पर भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन की कोर कमेटी के सदस्य एवं परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल और प्रीमियर विजन एसए की फैशन डिवीजन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी फ्लोरेंस रूसन ने हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर समारोह में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव और हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना की उपस्थिति रही। समारोह में भारतीय वस्त्र उद्योग से जुड़े प्रमुख उद्योगपति, डिजाइनर, निर्यात संवर्धन परिषदों के अधिकारी, भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि, भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन और प्रीमियर विजन की साझेदारी
यह एमओयू 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित आशय पत्र (एलओआई) को आगे बढ़ाता है। दोनों संस्थाओं के बीच बनी यह साझेदारी भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक फैशन मूल्य श्रृंखला में अधिक प्रभावी स्थान दिलाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
प्रीमियर विजन अंतरराष्ट्रीय फैशन, वस्त्र, सामग्री और सोर्सिंग क्षेत्र का एक प्रमुख मंच है। इस मंच के साथ संस्थागत सहयोग से भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों, डिजाइनरों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, फैशन ब्रांडों और प्रीमियम सोर्सिंग नेटवर्क तक पहुंच बनाने के नए अवसर मिलेंगे।
साझेदारी का एक प्रमुख लक्ष्य भारतीय वस्त्र उद्योग को केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन और मात्रा आधारित निर्यात तक सीमित रखने के बजाय उच्च मूल्य, डिजाइन-केंद्रित और प्रीमियम बाजारों में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाना है। प्रीमियर विजन की ट्रेंड इंटेलिजेंस और बाजार संबंधी विशेषज्ञता भारतीय कंपनियों को बदलती वैश्विक मांग को समझने तथा नए उत्पाद और सोर्सिंग समाधान विकसित करने में मदद कर सकती है।
यूरोपीय बाजार में भारतीय वस्त्रों के लिए बढ़ते अवसर
भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों में बढ़ती गति के बीच इस साझेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के समापन के बाद यूरोपीय बाजार में भारतीय निर्यातकों के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं।
प्रस्तावित व्यापार व्यवस्था के तहत भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात को कवर करने वाली 96.8 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर तरजीही बाजार पहुंच का प्रावधान है। व्यापार मूल्य के आधार पर लगभग 90.7 प्रतिशत निर्यात के शुल्क-मुक्त होने की उम्मीद जताई गई है।
वस्त्र एवं परिधान उद्योग के लिए यूरोपीय बाजार विशेष महत्व रखता है। वर्ष 2025 में यूरोपीय संघ का वैश्विक वस्त्र एवं परिधान आयात लगभग 292.8 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि यूरोपीय संघ को भारत का वस्त्र एवं परिधान निर्यात लगभग 10.4 अरब अमेरिकी डॉलर का था।
कपड़ा, परिधान, धागे और घरेलू वस्त्रों से संबंधित टैरिफ लाइनों पर प्रस्तावित शून्य शुल्क व्यवस्था से भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी स्थिति हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए प्रीमियम और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात का दायरा भी बढ़ सकता है।
5एफ विजन के अनुरूप आगे बढ़ता भारत टेक्स
वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5एफ विजन के अनुरूप भारत टेक्स व्यापार, स्थिरता और निवेश पर केंद्रित एक व्यापक वैश्विक मंच के रूप में विकसित हुआ है। उनके अनुसार, प्रीमियर विजन के साथ सहयोग भारत की वस्त्र एवं फैशन क्षमताओं को यूरोप और विश्व के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में स्वाभाविक अगला कदम है।
इस साझेदारी से भारतीय कारीगरों, बुनकरों, डिजाइनरों, महिला उद्यमियों और लघु एवं मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से भारतीय हथकरघा, हस्तकला और पारंपरिक वस्त्र तकनीकों को वैश्विक लक्जरी और फैशन बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के कोर कमेटी सदस्य डॉ. ए. शक्तिवेल ने कहा कि प्रीमियर विजन के साथ सहयोग भारतीय वस्त्रों को वैश्विक बाजारों के और करीब लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि साझेदारी के माध्यम से भारतीय वस्त्र विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ स्थिरता और जिम्मेदार उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रीमियर विजन की फैशन डिवीजन की सीईओ फ्लोरेंस रूसन ने कहा कि भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के साथ साझेदारी के माध्यम से रचनात्मकता, नवाचार और जिम्मेदार सोर्सिंग को बढ़ावा देने के साथ भारतीय और फ्रांसीसी हितधारकों के लिए वस्त्र मूल्य श्रृंखला में नए अवसर विकसित किए जाएंगे।
व्यापार से आगे बढ़कर शिल्प और स्थिरता पर जोर
एमओयू के तहत सहयोग के लिए एक संयुक्त संचालन समिति का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से दोनों पक्षों की प्रदर्शनियों में प्रदर्शकों, विशेषज्ञों, वक्ताओं और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा संयुक्त निर्यात संवर्धन कार्यक्रमों तथा क्रेता-विक्रेता बैठकों के आयोजन की भी योजना है।
बाजार संपर्क बढ़ाने के लिए दोनों संगठन बाजार संबंधी जानकारी साझा करेंगे और ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिनसे भारतीय तथा फ्रांसीसी कंपनियों को संभावित कारोबारी साझेदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिले।
साझेदारी में स्थिरता को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। चक्रीय अर्थव्यवस्था, उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, जिम्मेदार उत्पादन और टिकाऊ सोर्सिंग जैसे विषयों पर दोनों संस्थाएं सहयोग करेंगी। इसका उद्देश्य वैश्विक फैशन उद्योग में पर्यावरणीय और सामाजिक रूप से जिम्मेदार उत्पादन पद्धतियों को मजबूत करना है।
जनवरी 2027 में प्रदर्शित होगी भारत-फ्रांस वस्त्र विरासत
एमओयू का एक महत्वपूर्ण पक्ष दोनों देशों की वस्त्र विरासत और शिल्प कौशल को अंतरराष्ट्रीय फैशन समुदाय के सामने प्रस्तुत करना है। इसके लिए जनवरी 2027 में प्रीमियर विजन के अंतर्गत “एक जीवंत धागा” नामक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शनी में भारतीय हस्त कढ़ाई, हथकरघा तथा अन्य पारंपरिक विरासत तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ फ्रांसीसी वस्त्र विरासत से जुड़े कारीगरों और कार्यशालाओं को भी स्थान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक शिल्प को आधुनिक वैश्विक फैशन और लक्जरी बाजार से जोड़ना है।
भारत के पास कपास, रेशम, ऊन और अन्य प्राकृतिक रेशों से लेकर धागे, कपड़े, परिधान, तकनीकी वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प तक विस्तृत वस्त्र मूल्य श्रृंखला मौजूद है। इस विविधता को वैश्विक डिजाइन और प्रीमियम सोर्सिंग नेटवर्क के साथ जोड़ने से भारतीय कंपनियों के लिए मूल्यवर्धित निर्यात के नए रास्ते खुल सकते हैं।
भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन और प्रीमियर विजन के बीच हुआ यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक फैशन उद्योग तेजी से टिकाऊ उत्पादन, पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला, उच्च गुणवत्ता और विशिष्ट डिजाइन की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में भारत के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता के साथ-साथ पारंपरिक शिल्प, डिजाइन और नवाचार को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होगा।
यह साझेदारी भारतीय वस्त्र उद्योग को यूरोपीय और वैश्विक फैशन बाजार में अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि प्रस्तावित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे भारतीय निर्यातकों को नए खरीदारों तक पहुंच, डिजाइन एवं बाजार संबंधी जानकारी और उच्च-मूल्य वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दीर्घकालिक कारोबारी अवसर प्राप्त हो सकते हैं।