लुमुट, मलेशिया: भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस मैसूर 9 सितंबर 2026 को अपनी परिचालन तैनाती के तहत मलेशिया के लुमुट पहुंचा। जहाज भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच होने वाले द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘समुद्र लक्ष्मण’ के चौथे संस्करण में हिस्सा लेगा। लुमुट पहुंचने पर आईएनएस मैसूर के चालक दल का रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों तथा मलेशिया स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संवाद और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

‘समुद्र लक्ष्मण’ अभ्यास के तहत बंदरगाह और समुद्र, दोनों स्तरों पर विभिन्न पेशेवर गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें क्रॉस-डेक दौरे, परिचालन संबंधी बातचीत तथा खेल गतिविधियां शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को अपने अनुभव और पेशेवर कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर देना है। इसके साथ ही संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता यानी अंतर-संचालन क्षमता को बेहतर बनाने और दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
आईएनएस मैसूर की मलेशिया यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और मलेशिया के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को लगातार गति मिल रही है। 1 जुलाई 2026 को आयोजित 12वीं भारत-मलेशिया उप-समिति की बैठक सहित हाल में हुए द्विपक्षीय संवादों से बनी सकारात्मक गति को यह नौसैनिक यात्रा आगे बढ़ाती है।
समुद्र लक्ष्मण अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं को साझा समुद्री हितों से जुड़े विषयों पर सहयोग बढ़ाने और परिचालन अनुभवों का आदान-प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। नियमित नौसैनिक अभ्यासों और पेशेवर संपर्कों के माध्यम से भारत और मलेशिया के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग का दायरा भी व्यापक हो रहा है।
आईएनएस मैसूर की यह तैनाती भारत और मलेशिया के बीच मजबूत तथा दीर्घकालिक समुद्री साझेदारी को रेखांकित करती है। यह यात्रा दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।