नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बुधवार को सीएम ग्रिड फेज-2 पैकेज-1 के अंतर्गत जीटी रोड छर्रा अड्डा पुल से एटा चुंगी चौराहे होते हुए बोनेर कट तक निर्माणाधीन 5.200 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण किया। लगभग ₹87.03 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क के निर्माण में धीमी प्रगति, पोल शिफ्टिंग में देरी और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी एजेंसी इको ग्रीन के इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सड़क निर्माण से पहले आवश्यक विद्युत पोलों को निर्धारित समय पर स्थानांतरित नहीं किया गया जिसके कारण कई स्थानों पर निर्माण कार्य बाधित है। इससे सड़क के विभिन्न हिस्सों में कार्य की निरंतरता प्रभावित हो रही है और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नगर आयुक्त ने मौके पर कहा सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्युत विभाग और कार्यदायी एजेंसी के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर पोल शिफ्टिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए साथ ही सड़क के अधूरे हिस्सों में बैरिकेडिंग संकेतक और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि निर्माण अवधि के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
निर्माण कार्य में लापरवाही पड़ी भारी
निरीक्षण के दौरान बोनेरे कट सड़क निर्माण में धीमी रफ़्तार व लापरवाही व निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं होने पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को एजेंसी इको ग्रीन पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
छर्रा अड्डा पंम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण
नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत लगभग ₹62 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ड्रेनेज सिस्टम परियोजना का भी निरीक्षण किया। छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन पर 130 एमएलडी क्षमता के सम्पवेल एवं 1000 एमएम डायमीटर की राइजिंग मेन पाइपलाइन के कार्य में पिछले 7 से 10 दिनों से अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। निरीक्षण में सामने आया कि सम्पवेल में पाइपलाइन बिछाने और संबंधित तकनीकी कार्यों में अपेक्षित गति नहीं है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कार्य की दैनिक प्रगति रिपोर्ट लेने और प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ड्रेनेज परियोजना का सीधा संबंध शहर को जलभराव से राहत दिलाने और बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने से है। ऐसे में पंपिंग स्टेशन और राइजिंग मेन पाइपलाइन के कार्य में देरी से परियोजना का लाभ नागरिकों तक पहुंचने में विलंब होगा। कार्य में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर नगर आयुक्त ने इको ग्रीन पर ₹10 लाख का अतिरिक्त जुर्माना लगाया।
नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि सम्पवेल पाइपलाइन, पंपिंग उपकरण और अन्य तकनीकी संरचनाओं के कार्यों में निर्धारित डिजाइन, सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री का उपयोग बिना अनुमति कार्य में बदलाव या तकनीकी मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इको ग्रीन पर लगा 20 लाख का जुर्माना
इस प्रकार दोनों परियोजनाओं में धीमी प्रगति के कारण एजेंसी पर कुल ₹20 लाख का जुर्माना लगाया गया साथ ही अगले 15 दिनों में पंपिंग स्टेशन के समस्त तकनीकी कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी गई।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का सत्यापन करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नई के मार्गदर्शन में शहरवासियों को बेहतर सड़क एवं जलभराव से राहत दिलाना नगर निगम की प्राथमिकता है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ग्रिड सड़क और स्मार्ट सिटी ड्रेनेज परियोजना दोनों ही शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं में देरी से नागरिकों को असुविधा होती है और विकास कार्यों का उद्देश्य प्रभावित होता है। सभी कार्यदायी एजेंसियां निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। समयसीमा का पालन नहीं होने पर जुर्माने के साथ अनुबंध निरस्त करने एवं एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।