नगरीय क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बुधवार को नगर निगम सेवा भवन सभागार में विकास कार्यो की समीक्षा के लिए निर्माण विभाग की लगभग चार घंटे तक मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य अभियंता अधिशासी अभियंता सहायक अभियंता एवं समस्त अवर अभियंताओं के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, ठेकेदारों की कार्यप्रणाली तथा लंबित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता से पिछले एक वर्ष के दौरान नगर निगम द्वारा कराए गए सभी नवनिर्मित सड़क नाला व अन्य निर्माण कार्यों का विस्तृत ब्यौरा तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों द्वारा सड़क, नाला एवं अन्य निर्माण कार्य पूर्ण कर दिए गए हैं तथा जिनका भुगतान भी किया जा चुका है उन सभी कार्यों का भी नियमित रूप से स्थलीय भौतिक सत्यापन कराया जाए।
नई सड़को का होगा भौतिक सत्यापन
बैठक में नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि पिछले एक वर्ष में पूर्ण हुए निर्माण कार्यों की प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से जांच कराई जाए इस दौरान निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों तकनीकी गुणवत्ता एवं अनुबंध की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी सड़क के टूटने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत निर्माण किए जाने की शिकायत या स्थिति सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार एवं कार्यदायी एजेंसी के विरुद्ध तत्काल जुर्माना लगाने ब्लैकलिस्ट करने व नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पांच वर्ष तक सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगरीय क्षेत्र में नगर निगम द्वारा निर्मित कराई जाने वाली सड़कों के अनुबंध में निर्धारित पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि के दौरान सड़क की गुणवत्ता एवं रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की है यदि इस अवधि में सड़क क्षतिग्रस्त होती है अथवा निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर सड़क की मरम्मत एवं सुधार कार्य कराना होगा। इसके बावजूद लापरवाही अथवा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर जुर्माना वसूलने के साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
विकास कार्यो के लिये नज़ीर
नगर आयुक्त के इस निर्णय को नगर निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल नई सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी संभव होगी बल्कि पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि में भी ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
अनुबंध के बाद निर्माण शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों पर भी होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने उन ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की जिन्होंने निर्माण कार्यों के ठेके प्राप्त करने एवं अनुबंध होने के बावजूद निर्धारित समय में कार्य प्रारंभ नहीं किए हैं। उन्होंने मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि ऐसे सभी ठेकेदारों को तत्काल चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
नगर आयुक्त ने निर्धारित कार्य प्रारंभ करने की समयसीमा में 15 दिन का विलंब होने पर प्रथम नोटिस जारी करते हुए 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाए। इसके बाद एक माह तक विलंब होने पर द्वितीय नोटिस जारी कर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा अनुबंध निरस्त (टर्मिनेट) करने की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित की जाए।
नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के सभी सहायक अभियंताओं एवं अवर अभियंताओं को निर्देशित किया कि दीपावली के बाद वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट करें। क्षेत्र में संचालित एवं प्रारंभ होने वाले निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए उनकी प्रगति, गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का भौतिक सत्यापन करें।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि अब निर्माण कार्यों की निगरानी केवल कार्य पूर्ण होने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि भुगतान के बाद भी प्रत्येक तीन माह में सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों का स्थलीय भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। पांच वर्ष की मेंटेनेंस अवधि में सड़क खराब होने अथवा गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित ठेकेदार को जवाबदेह बनाया जाएगा। लापरवाही करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने से लेकर ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जाएगी।