दहक उठी थी ज्वाला मन में जब देश गुलामी में जकड़ा था नन्हीं आंखों ने जलियांवाला…
Category: कविता
नव संवत्सर की अरुणिम बेला: नव ऊर्जा से जगमगाए जीवन
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर भारतीय नववर्ष का स्वागत करते हुए यह काव्य संदेश नव ऊर्जा, आशा,…
शक्ति स्वरूपा
नारी शक्ति, साहस और स्वाभिमान पर आधारित प्रेरक काव्य, जिसमें दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती और लक्ष्मीबाई के…
उठो जगत जननी नारी तुम…
नारी शक्ति, समानता और राष्ट्र निर्माण पर आधारित प्रेरक कविता—महिलाओं के साहस, ममता, नेतृत्व और भारत…
लड़ते रहे अभावों से
संघर्ष, स्वाभिमान और साधना पर आधारित प्रेरक कविता, जो अभावों से जूझकर सफलता, उजाला और आत्मबल…
संस्कार की AI
संस्कार आधारित AI की कल्पना पर कविता, जो बच्चों को शिक्षा, स्वच्छता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण…
लेकठो बनी विद्रोह की ज्वाला
पतरातू की घाटी में बच्चों की अनोखी क्रांति! मिठाई वाले काका के लेकठो इनाम से शुरू…
‘गुरुओं का मान-सम्मान कहीं खो गया है ।’
गुरुओं का मान-सम्मान,कहीं खो गया है ।गुरु तो बचपन से ही मिल जाती,माँ के रूप में,…