सुनो शिक्षको ध्यान से सुनो बच्चों के पास जाने से पहले फेफड़ों से निकाल फेकों ठहरा…
Category: कविता
उसे कुछ नहीं आता: प्रमोद दीक्षित मलय
शिक्षक, सहपाठी और बच्चे, सभी कहते हैं, उसे कुछ भी नहीं आता, नहीं सीखना है उसे…
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” को नेपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय हिंदी “काव्य शिरोमणि सम्मान” प्राप्त
नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकार सुरेश सिंह बैस "शाश्वत" को शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय फाउंडेशन लुम्बिनी, नेपाल द्वारा…
साहित्यिक संस्था हिन्दी की गूँज ने “सावन की फुहार” कार्यक्रम का आयोजन आभासी पटल पर किया
दिल्ली, देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था हिन्दी की गूँज ने बीते रविवार की शाम को "…
वोट खातिर जोत देले बा खेत खलिहान
वोट खातिर जोत देले बा खेत खलिहान। अपना देश के नेता लोग महान। गांवे-गांवे घुमत बा…
भारत के वीर जवान
खड़े हैं सीमा पर सीना ताने, झेलकर कितनी तकलीफ़ें दुनिया क्या जाने, चाहे आये आँधी या आये तूफान, डटकर…