देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक को लेकर लगातार नए दावे किए जा रहे…
Tag: डा. पंकज भारद्वाज
अतिथि बनकर जाएं तो न दिखाएं नखरे
भारतीय संस्कृति में “अतिथि देवो भवः” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन-मूल्य है। हमारे यहाँ अतिथि…
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: भाषाई अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान का उत्सव
हर वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विश्वभर में भाषाई विविध्ता, सांस्कृतिक…
संस्कारों की धरोहर: बच्चों का नहीं, हमारी परवरिश का आईना
आज अक्सर सुनने को मिलता है “आजकल के बच्चों में संस्कार नहीं रहे।” यह वाक्य हम…
महाशिवरात्रि: अंधकार से आत्मबोध तक की शिव-यात्रा
सनातन चेतना में महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण की दिव्य रात्रि…