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युद्ध के माहौल में महावीर का शांति-दर्शन ज्यादा जरूरी: देवेन्द्र ब्रह्मचारी

महावीर जयंती पर लोक-धर्मोत्सव का भव्य आयोजन

नई दिल्ली: आज जब दुनिया में युद्ध एवं हिंसा की विभीषिका में संपूर्ण मानवता पीड़ित एवं आहत है, ऐसे समय में भगवान महावीर के अहिंसा एवं शांति संदेश की ज्यादा जरूरत है। इस वर्ष महावीर जयंती के अवसर पर यही संदेश समूची दुनिया को एक युद्ध का अंधेरा नहीं, शांति का उजाला देगा। इसी भाव के साथ महावीर जयंती के उपलक्ष्य में लोक-धर्मोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर आज राजधानी नई दिल्ली स्थित जैन भवन, गोल मार्केट में एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं विचार-विमर्श बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी (गुरुजी) ने की। अपने सारगर्भित मार्गदर्शन में उन्होंने केवल दिशा ही नहीं दी, बल्कि उस भावभूमि को भी स्पष्ट किया, जहाँ यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा बन सके। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने मिलकर 25 मार्च 2026 को मावलंकर ऑडिटोरियम, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में महावीर जयंती समारोह को एक भव्य, सुव्यवस्थित और सार्थक स्वरूप देने हेतु विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया, चाहे वह आयोजन की रूपरेखा हो, व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता अथवा जनसंपर्क और सहभागिता की व्यापकता।

तीर्थंकर भगवान महावीर के 2625वें जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर महावीरायतन फाउंडेशन के तत्वावधान में “लोक-धर्मोत्सव” के भव्य राष्ट्रीय आयोजन वह क्षण होगा जब अहिंसा करुणा में बदलेगी, संयम संस्कार में ढलेगा और “जियो और जीने दो” का संदेश जन-जन तक पहुँचेगा। इस गरिमामय अवसर पर देश के अनेक प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाएँगे, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय चेतना का एक सशक्त मंच बनेगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जनरल डाॅ. वी. के. सिंह-मिजोरम के राज्यपाल, श्री अर्जुन मेघवाल-कानून मंत्री, श्रीमती रेखा गुप्ता-मुख्यमंत्री-दिल्ली, श्री चिराग पासवान-केन्द्रीय मंत्री, श्री श्रीपद यशोनायक-केन्द्रीय मंत्री, श्री रामदास अठावले-केन्द्रीय मंत्री, श्री अजय टम्टा-केन्द्रीय मंत्री, श्री अरुण सिंह-सांसद, श्री मनोज तिवारी-सांसद, श्री सुरेश जैन-राष्ट्रीय महासचिव-भारतीय विकास परिषद आदि मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

एक आयोजन नहीं, एक विचार यह महोत्सव उस विचार का प्रतीक है, जो मनुष्य को भीतर से श्रेष्ठ बनाता है। भगवान महावीर का संदेश किसी एक पंथ तक सीमित नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए एक प्रकाशपुंज है। श्री देवेन्द्र ब्रह्मचारी (गुरुजी) के शब्दों में-“आज जब विश्व को संवेदना और संतुलन की आवश्यकता है, तब महावीर का संदेश ही वह पथ है, जो हमें जोड़ सकता है।” देश-विदेश से संत-महात्मा, विद्वान, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं श्रद्धालु इस आयोजन में सहभागी होंगे। साथ ही सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ इस महोत्सव को और भी जीवंत बनाएंगी। यह आयोजन केवल देखने का नहीं, महसूस करने का, अपनाने का और आगे बढ़ाने का अवसर है।

बैठक में प्रमुख सदस्य श्री सोहन गिरी, श्री राजुगाल तवर, श्री हेमराज गर्ग, श्री स्वदेश चड्डा, श्री आलोक जैन, श्री मंदीप दवास, श्री अमित पवार, श्री ललित गर्ग, श्री मनोज जैन (इशिका, कोलकाता), श्री हर्ष कौशिक, श्री प्रीतम चैहान, श्री विकास जैन, श्री प्रवीण जैन, श्री माथी कार्गो, श्री अनुज, श्री बसवराज पाटिल, श्री एन. डी. गुरु जी, श्री नेम सिंह चैहान उपस्थित थे।

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