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कोयला मंत्रालय ने कैप्टिव/वाणिज्यिक कोयला ब्लौकों के आवंटियों के साथ संवादमूलक सत्र का आयोजन किया

कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि कोयला मंत्रालय घरेलू कोयला उत्पादन और निकासी संबंधी प्रक्रिया में और तेजी लाने के लिए सभी संभव कदम उठाना आरंभ करेगा। कैप्टिव/वाणिज्यिक कोयला ब्लौकों के आवंटियों के साथ आज संवादमूलक सत्र को संबोधित करते हुए, श्री मीणा ने कहा कि कोयले के आरंभिक उत्पादन के लिए समय पर भूमि की उपलब्धता और अन्य मंजूरियां हाल में आवंटित किए गए ब्लौकों से कोयले का आरंभिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपने प्रमुख भाषण में, सचिव ने कहा कि मंत्रालय में नामित प्राधिकारी इस संबंध में मुद्दो के ठीक समय पर निगरानी करने और समाधान के लिए एक पोर्टल विकसित करने की प्रक्रिया में है।

कोयला सचिव ने हमारी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए तथा कोयला आयात पर निर्भरता घटाने के लिए भी ऊर्जा के उपभोग को बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को जोरशोर से बढ़ावा दे रहा है। मीणा ने बताया कि कोयला उद्योग टिकाऊ विकास के एक ऐसे मॉडल को बढ़ावा देना चाहता है जिसमें पर्यावरण की सुरक्षा करने, संसाधनों को संरक्षित करने, समाज की देखभाल करने और हमारे वन तथा वन्य जीवन को बनाये रखने के प्रयासों के साथ कोयले का खनन का सह-अस्तित्व शामिल हो। 

इससे पूर्व, सत्र को संबोधित करते हुए अपर सचिव एवं मंत्रालय के नामित प्राधिकारी श्री एम. नागराजू ने कोयला सेक्टर को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कोयला उत्पादन को बढ़ाने एवं व्यवसाय करने की सुगमता के लिए मंत्रालय द्वारा नीतिगत स्तर पर की गई विभिन्न पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने उन प्रमुख सुधारों को भी रेखांकित किया जिन्हे मंत्रालय द्वारा वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के विभिन्न चरणों में आरंभ और कार्यान्वित किया गया है जिससे कि नीलामी व्यवस्था को और अधिक आकर्षक तथा लाभदायक बनाया जा सके। कोयला मंत्रालय के निदेशक श्री मारापल्ली वेंकटश्वरलू द्वारा एक प्रस्तुति दी गई जिसमें नीलामी किए गए/ आवंटित किए गए कोयला ब्‍लॉकों, उत्पादन में वृद्धि करने के लिए किए गए सुधारों, व्यवसाय अवसरों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

एनटीपीसी लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड, एनएमडीसी लिमिटेड, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, एससीसीएल, डब्ल्यूबीएमडीटीसीएल, एनएलसीआईएल तथा ओडिशा कोल एंड पावर लिमिटेड के उद्योग के शीर्ष व्यक्ति भी वहां उपस्थित थे एवं उन्होंने फोरम को संबोधित किया। उन्होंने भारत में कोयले के भविष्य पर अपना दृष्टिकोण साझा किया तथा कोयला खदानों के आरंभिक प्रचालन एवं घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न कदमों का सुझाव दिया। निजी क्षेत्र के सहभागियों ने कोयला मंत्रालय द्वारा कोयला खदानों की नीलामी में आरंभ किए गए सुधारों की सराहना की और कोयला खदानों के आरंभिक प्रचालन के लिए राज्यों के साथ मुद्दों का समाधान करने में सुविधा प्रदान करने, समय पर सहायता उपलब्ध कराने और सक्रिय समर्थन देने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।

सत्र में भाग लेते हुए, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नियमों के विभिन्न प्रावधानों को स्पष्ट करके आवंटियों का मार्गदर्शन किया।

एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड कोयला खदानों के आरंभिक प्रचालन में सहायता करने के लिए एकमात्र कारोबार परामर्शदाता और कोयला मंत्रालय द्वारा गठित एक परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) है। 

अभी तक वाणिज्यिक कोयला खदानों के छह चरण पूरे हो चुके हैं और कुल 87 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है और अधिकतम शीर्ष दर क्षमता पर उत्पादन पर विचार करते हुए अनुमानित 33,231 करोड़ रुपये के कुल वार्षिक राजस्व सृजन के साथ इसकी संचयी पीआरसी 220.52 बिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। कोयला मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कैप्टिव एवं वाणिज्यिक कोयला खदानों से 115.77 एमटी कोयला उत्पादन अर्जित किया है।

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