NEW English Version

नौवहन महानिदेशालय और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग ने समुद्री नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत के समुद्री क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक पहल के रूप में, शिपिंग महानिदेशालय (डीजीएस) और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत वैज्ञानिक सोसायटी, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आज व्यापक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

एमईआईटीवाई में आयोजित कार्यक्रम में शिपिंग महानिदेशक (डीजीएस) श्री श्याम जगन्नाथन और सी-डैक महानिदेशक श्री ई. मगेश ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर श्री एस. कृष्णन, सचिव, एमईआईटीवाई, श्री अभिषेक सिंह, अपर सचिव, एमईआईटीवाई, श्री संकेत एस भोंडवे, संयुक्त सचिव, एमईआईटीवाई, श्रीमती सुनीता वर्मा, वैज्ञानिक जी एवं समूह समन्वयक, एमईआईटीवाई, श्रीमती सविता उतरेजा, वैज्ञानिक जी, समूह समन्वयक (साइबर सुरक्षा) और एमईआईटीवाई, डीजी शिपिंग और सी-डैक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम ने अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से समुद्री प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की। यह समुद्री उद्योग के कायाकल्प के उद्देश्य से पहल पर सहयोग करने के लिए दोनों संगठनों की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

यह साझेदारी विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त और प्रगतिशील समुद्री प्रशासन होने के डीजीएस के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन और ई-गवर्नेंस में सी-डैक की विशेषज्ञता को एकीकृत करके, इस सहयोग का उद्देश्य है:

  • समुद्री प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और स्वचालन
  • समुद्री डेटा विश्लेषण और पूर्वानुमानित मॉडलिंग
  • साइबर सुरक्षा और समुद्री आईओटी
  • समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण
  • समुद्री प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास

यह समझौता ज्ञापन प्रौद्योगिकी, सहयोग और नवाचार के माध्यम से समुद्री क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने और अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रगतिशील दृष्टिकोण का प्रतीक है। यह भारत में टिकाऊ और उन्नत समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए  मजबूत आधार स्थापित करता है। यह आयोजन समुद्री प्रशासन को आधुनिक बनाने और उद्योग के भीतर नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयास में  महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

हस्ताक्षर समारोह में दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य हितधारकों ने भी भाग लिया जिनमें श्री मनोज जैन, वैज्ञानिक-जी एमईआईटीवाई, श्री प्रमोद पी जे. वैज्ञानिक-एफ और प्रमुख, आर एंड डी, सी-डैक कॉर्पोरेट, डॉ. डी एथिराजन, वैज्ञानिक – एफ एवं केंद्र प्रमुख, सी-डैक चेन्नई, श्री जितेश चौधरी, निदेशक, सी-डैक सिलचर, श्रीमती गीता सिंह वैज्ञानिक-सी एमईआईटीवाई, श्री रवि कुमार मोका, जहाज सर्वेयर-सह-उपाध्यक्ष, डीजी (टेक), कैप्टन राजेंद्र पोसवाल, नॉटिकल सर्वेयर-कम-डिप्टी डीजी (टेक), श्री प्रवीण नायर, इंजीनियर एवं जहाज सर्वेक्षक-सह-उप महानिदेशक (तकनीकी), श्री. मनीष कुमार, एनएस-सह-डीडीजी (टेक), श्री मेहनाथन एन, वैज्ञानिक-ई, सी-डैक चेन्नई, श्री विमल लक्ष्मण पी, वैज्ञानिक-ई, सी-डैक, चेन्नई, श्री के रामकुमार, वैज्ञानिक-ई सी-डैक चेन्नई, श्रीमती पूंगुझाली पी, वैज्ञानिक-ई सी-डैक चेन्नई, श्रीमती दिव्या जी, वैज्ञानिक-ई, सी-डैक चेन्नई शामिल रहे।

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »