वक़्त बीत गया लेकिन रह गयी हैं वक़्त की परछाईं आपके जाने के बाद कुछ बची है तो बस तन्हाई निकल पड़ते हैं आँख से आँसू और दिल बैठ जाता है जब भी याद आती है बातें जो आपने थी बताई।
पिताजी की तृतीय पुण्यतिथि पर शत-शत नमन और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ ।। पिताजी ! मैं हमेशा आपके सद्कर्मों और आदर्शों पर चलकर , आपके सामाजिक कार्य और प्रेरणादायी जीवन से सीख लेकर औऱ आपके द्वारा दिखाए गए रास्ते और संस्कारों को साथ लेकर हमेशा आगे बढ़ता रहूँगा ।
आपकी यादें हमारे दिलो में हमेशा बनी रहेगी आप भले ही आज हमसे दूर चले गए, परन्तु हमारे दिलों में आज भी जिंदा है। आप की पुण्यतिथि तिथि पर शत् शत् नमन।
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