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स्वास्थ्य मंत्रालय मना रहा है अखिल भारतीय ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुरक्षा को दी जा रही है प्राथमिकता

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं में आगजनी की घटनाओं को रोकने और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए 21 से 25 अप्रैल, 2025 तक ‘अग्नि सुरक्षा सप्ताह’ की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य है – स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और व्यापक सुरक्षा उपायों को प्रोत्साहित करना।

इस राष्ट्रव्यापी पहल का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने नई दिल्ली स्थित निर्माण भवन में आयोजित प्रतिज्ञा समारोह के माध्यम से किया। इस मौके पर उन्होंने ‘स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा’ विषय पर विचार साझा किए और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से सुरक्षा मानकों को अपनाने की अपील की।

इस कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की भौतिक उपस्थिति रही, जबकि देशभर की 3000 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं ने वर्चुअल माध्यम से भाग लेकर ‘आपातकालीन निकासी रणनीतियों’ और ‘उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में अग्नि की रोकथाम’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि,

“अस्पतालों में सिर्फ चिकित्सा ही नहीं, बल्कि सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और समय-समय पर मॉक ड्रिल के जरिए तैयारी की समीक्षा होनी चाहिए।”

उन्होंने सुरक्षा की संस्कृति को विकसित करने और सार्वजनिक व निजी संस्थाओं से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया ताकि अग्नि सुरक्षा को सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक आदत बनाया जा सके।

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के उच्चतम मानकों को अपनाएंगे, कर्मचारियों और हितधारकों को आपात प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं से प्रशिक्षित करेंगे, और मरीजों, सहकर्मियों तथा आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखेंगे।

अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत पूरे देश में कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा ऑडिट, जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं, और प्रदर्शनियों का आयोजन शामिल है। इसके साथ ही मंत्रालय ने दो दिवसीय वेबिनार श्रृंखला का भी आयोजन किया है, जिसमें आग रोकथाम उपायों, नियामकीय अनुपालन, अग्नि पहचान और नियंत्रण प्रणालियों के रखरखाव, तथा मरीज निकासी मॉक ड्रिल जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत चेकलिस्ट के साथ निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं में अग्नि और विद्युत सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करें। विशेष रूप से मेडिकल कॉलेजों और तृतीयक अस्पतालों में जागरूकता गतिविधियों के आयोजन पर बल दिया गया है।

माईगव प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन प्रतिज्ञा और क्विज़ प्रतियोगिता भी शुरू की गई है। इच्छुक प्रतिभागी https://pledge.mygov.in/fire-safety-in-healthcare/ पर प्रतिज्ञा और https://quiz.mygov.in/quiz/quiz-on-fire-safety-at-healthcare-facilities/ पर क्विज़ में भाग ले सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय का यह कदम यह दर्शाता है कि रोगियों, परिचारकों और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्रालय न केवल दिशा-निर्देश और चेकलिस्ट जारी कर रहा है, बल्कि वह हर स्तर पर स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ समन्वय भी बनाए हुए है ताकि देश भर में एक सुरक्षित और सतर्क स्वास्थ्य वातावरण का निर्माण हो सके।

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