NEW English Version

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईएएस अधिकारियों की ई-सिविल सूची जारी की और पारदर्शिता तथा डिजिटल सुधार पर जोर दिया

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज ई-बुक के रूप में इलेक्ट्रॉनिक सिविल सूची, 2025 जारी की। यह सूची देश भर में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का डिजिटल संग्रह है।

सिविल लिस्ट के 70वें संस्करण की इस सूची को जारी किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पूर्णतः डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत किया जाने वाला पांचवां संस्करण है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने ई-बुक का अनावरण करते हुए कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा देश के कुछ मेधावी लोगों को आकर्षित करती रही है और भारत के संघीय शासन को मजबूत बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्रीय मंत्री ने सिविल सूची को पारदर्शिता के लिए देश के प्रशासनिक नेतृत्व का एक संरचित दृष्टिकोण प्रस्तुत करने वाले एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में रेखांकित किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने ई-सिविल सूची में एआई आधारित सर्च विकल्प जैसे एआई आधारित विकल्पों का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि डोमेन-विशिष्ट खोजों को मिशन मोड और अन्य लक्षित सरकारी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त अधिकारियों की पहचान करने में मदद कर सकती है, साथ ही इसका काम यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी सुविधाओं तक पहुंच उचित रूप से प्रतिबंधित रहे। श्री सिंह ने इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सूची को नियमित रूप से अपडेट करने के महत्व पर भी जोर दिया।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा प्रकाशित ई-बुक में आईएएस अधिकारियों का विस्तृत विवरण है – जिसमें उनका नाम, बैच, कैडर, वर्तमान पोस्टिंग, वेतन स्तर, शैक्षिक योग्यता और सेवानिवृत्ति तिथियां शामिल हैं। इसे 1 जनवरी, 2025 को अपडेट किया गया है। इसमें कैडर-वार संख्या, अगले पांच वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की संख्या और 1969 के बाद से नियुक्ति डेटा भी दिया गया है। पहली बार, डिजिटल दस्तावेज़ में अधिकारियों की तस्वीरें शामिल की गई हैं।

एम्बेडेड हाइपरलिंक्स के साथ पीडीएफ के रूप में डिज़ाइन की गई, ई-बुक एक उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस प्रदान करती है जो सूचना तक तुरंत पहुंच को सक्षम बनाती है और यह आसानी से उपलब्ध है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “सिविल सूची न केवल प्रशासकों और निर्णयकर्ताओं के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन है।” उन्होंने कहा कि यह कदम डिजिटल शासन के लिए केंद्र का बड़ा प्रयास है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा है और इसका उद्देश्य प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना और नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार करना है। विभाग, हार्ड कॉपी की छपाई बंद करके कागज पर होने वाले सरकारी खर्च की बचत करने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल प्रशासन के तौर-तरीकों में योगदान दे रहा है। उन्होंने इस डिजिटल पहल के लिए किये गये सफल प्रयास के लिए सचिव और पूरी डीओपीटी टीम को बधाई दी।

आईएएस अधिकारियों के कैडर-नियंत्रण प्राधिकरण के रूप में डीओपीटी केंद्रीय अभिलेखों और राज्य कैडर से प्राप्त इनपुट का उपयोग करके सालाना सिविल सूची तैयार करता है। 2025 के संस्करण में 6,877 अधिकारियों की कुल अधिकृत कैडर क्षमता को दर्शाया गया है, जिसमें 25 राज्य कैडर में 5,577 अधिकारी सक्रिय रुप से सेवा में हैं।

इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के महानिदेशक श्री एसएन त्रिपाठी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के निदेशक और अध्यक्ष श्री श्रीराम तरनीकांति, आईएएस, और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की सचिव सुश्री रचना शाह सहित कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

ई-बुक सिविल लिस्ट, 2025 अब डीओपीटी की वेबसाइट https://dopt.gov.in पर जनता के लिए उपलब्ध है।

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »