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आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने मेगा मानसून स्वच्छता अभियान शुरू किया

मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता की चुनौतियां बढ़ जाती हैं। इससे जल-जनित और जीवाणु-जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तहत आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ‘सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ’ (एसएबीबी) अभियान (1-31 जुलाई, 2025) के माध्यम से स्वास्थ्य-केंद्रित शहरी स्वच्छता पर अपनी ओर से ध्यान दे रहा है। मिशन के आदर्श वाक्य ‘स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ के साथ तालमेल कायम रखते हुए, पिछले वर्ष की तरह, यह अभियान अपने दो-आयामी दृष्टिकोण यानी नागरिकों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करने और रोग के प्रकोप को रोकने के लिए सफाई और जागरूकता उपायों को लागू करने हेतु निरंतर संचालित किया जा रहा है।

सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ (एसएबीबी) अभियान 2025 का उद्देश्य बंद नालियों, कूड़े के ढेर, जल जमाव से निपटने और स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच सुनिश्चित करके सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। यह निगरानी और जागरूकता अभियानों के माध्यम से विशेष रूप से मलिन बस्तियों, स्कूलों और अधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्वच्छता और हाथ धोने को एक आदत के रूप में अपनाए जाने को बढ़ावा देता है। व्यवहार संबंधी प्रेरणाएं सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के लिए सफाई अभियान के साथ स्वच्छ, स्वस्थ पड़ोस को प्रोत्साहित करती हैं। यूएलबी को नालियों को बनाए रखना चाहिए, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए जल निकायों में अपशिष्ट को रोकना चाहिए। महीने भर चलने वाला यह अभियान विशेष रूप से जलाशयों में प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन, नालियों की निवारक सफाई और कचरे के ढेरों में कमी लाकर स्वच्छ शहरों पर केंद्रित है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जल और जीवाणु जनित रोगों को रोकने के लिए, एसएबीबी के 6 मंत्रों: (1) स्वच्छ हाथ (2) स्वच्छ घर (3) स्वच्छ पड़ोस (4) स्वच्छ शौचालय (5) स्वच्छ नालियां और जलाशय (6) स्वच्छ सार्वजनिक स्थान का पालन करना आवश्यक है। जलाशयों और नालियों की निवारक सफाई मानसून की तैयारियों का एक अनिवार्य हिस्सा है। पानी के ठहराव और मच्छरों और अन्य रोग वैक्टरों के प्रजनन को रोकना महत्वपूर्ण है। नागरिकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि खुली नालियां कचरे से भरी न हों, और पानी के भंडारण कंटेनरों को समय-समय पर ढंक कर साफ किया जाए। घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी के जमाव को रोकना बहुत ज़रूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा फैलाने से बचें और अलग-अलग कूड़ेदानों का इस्तेमाल करें। स्वच्छता से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना स्वच्छता ऐप के ज़रिए दी जा सकती है, ताकि शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) उसका समय रहते समाधान कर सकें।

शहरी स्थानीय निकायों को विभागों के बीच समन्वय करना चाहिए, केंद्रित स्वच्छता कार्रवाई के लिए उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए। उन्हें खासकर संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करना चाहिए, कचरा हॉटस्पॉट को कम करना चाहिए और सार्वजनिक शौचालयों को बनाए रखना चाहिए। अभियान के तहत स्कूल में हाथ धोने को आदत के रूप में अपनाने के अभियान, सुरक्षित पेयजल तक पहुंच और घर-घर जाकर जागरूकता के माध्यम से बाल स्वच्छता पर जोर दिया जाता है। आरडब्ल्यूए, एनजीओ और अन्य के साथ साझेदारी से आउटरीच को बढ़ावा मिलेगा। सफाई मित्रों के लिए स्वच्छ जल की पहुंच और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी गतिविधियों को यूएलबी द्वारा स्वच्छताम पोर्टल (https://admin.sbmurban.org/) पर लॉग इन और रिपोर्ट किया जाना है।

अभियान के दौरान, 100 स्मार्ट शहरों में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) को सक्रिय किया जाएगा, जो नवाचार के लिए एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्रों का उपयोग करते हुए, खाद्य सड़कों, बाजारों और विरासत स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

पिछले वर्ष की तरह, इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा।

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