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ऑपरेशन सिंदूर, 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 बालाकोट एयर स्ट्राइक इस बात के प्रमाण हैं कि जब बातचीत विफल हो जाती है, तो भारत कठोर शक्ति का रास्ता अपनाता है: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 सितंबर, 2025 को हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह के दौरान कहा, “ऑपरेशन सिंदूर, 2016 सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक इस बात के प्रमाण हैं कि भारत का धैर्य उसकी ताकत है, कमज़ोरी नहीं। बातचीत से जब कोई समाधान नहीं निकलता है, तभी हम कठोर शक्ति का रास्ता अपनाते हैं।” श्री सिंह ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद  में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में मज़बूत और दृढ़ नया भारत, जहां संवाद में विश्वास रखता है, वहीं यह उन लोगों को करारा जवाब देना भी जानता है जो शांति और सद्भावना की भाषा नहीं समझते।

रक्षा मंत्री ने बताया कि जहां पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर निर्दोष नागरिकों की हत्या की, वहीं भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने कर्म के आधार पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों को मार गिराया और उनके ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के लिए सशस्त्र बलों के पराक्रम और समर्पण को श्रेय देते हुए  श्री सिंह ने दोहराया कि ऑपरेशन अभी स्थगित है और सीमा पार से कोई और आतंकवादी गतिविधि होने की स्थिति में इसे फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संघर्ष विराम पर तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को अस्वीकार कर दिया था और कहा था कि कोई भी तीसरा पक्ष भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं दे सकता।

श्री राजनाथ सिंह ने उत्तर और दक्षिण भारत को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल की ‘लौह पुरुष’ के रूप में भूमिका की भी सराहना की। उन्‍होंने हैदराबाद मुक्ति दिवस और प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को एक ही दिन पड़ने का उल्लेख करते हुए कहा, “सरदार पटेल की तरह ही  हमारे प्रधानमंत्री भी भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।”

रक्षा मंत्री ने देश में बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया और विश्वास व्‍यक्‍त किया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा, “आज भारत किसी के निर्देश पर नहीं चलता, वह अपनी पटकथा खुद लिखता है।”

श्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन पोलो में भाग लेने वालों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं था बल्कि सरदार पटेल का एक निर्णायक प्रहार था जिसने रजाकारों की साजिश को चकनाचूर कर दिया और हैदराबाद को भारत में वापस लाया। उन्होंने ऑपरेशन पोलो की सफलता और हैदराबाद के भारत में विलय को एक गौरवशाली अध्याय बताया जिसने दुनिया को दिखाया कि भारत हमेशा अपनी एकता की रक्षा करने में सक्षम और शक्तिशाली रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “जिस तरह 1948 में रजाकारों की साजिश नाकाम हो गई थी, उसी तरह आज पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और उसके एजेंट नाकाम हो गए हैं। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए एक बार फिर करारा जवाब दिया है। हमने पुन: साबित कर दिया है कि भारत की एकता और सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।”

श्री राजनाथ सिंह ने इस कार्यक्रम के दौरान  केंद्रीय संचार ब्यूरो, हैदराबाद द्वारा आयोजित हैदराबाद मुक्ति दिवस फोटो प्रदर्शनी का भी दौरा किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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