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‘सेवा पर्व’ के अवसर पर केवीआईसी द्वारा खादी महोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ

‘सेवा पर्व’ के अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितंबर से 23 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘खादी महोत्सव-2025’ का आयोजन कर रहा है।

17 सितंबर को केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से खादी महोत्सव-2025का भव्य शुभारंभ किया। इसके उपरांत केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय मुंबई में 18 और 19 सितंबर को स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।    

18 सितंबर को मुंबई के जुहू बीच पर ‘सेवा पर्व-2025’ के तहत विशेष स्वच्छता अभियान-05 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने स्वच्छता अभियान की अगुआई की और ‘स्वच्छता से राष्ट्र सेवा’ का संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अभियान में केवीआईसी के सैकड़ों अधिकारी एवं कर्मचारी उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।

19 सितंबर को केंद्रीय कार्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों, कर्मचारियों और अधिकारियों को आयोग के अध्यक्ष द्वारा सम्मान-पत्र व पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ मंत्र के साथ केवीआईसी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वदेशी क्रांति’ को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी के आह्वान– “सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा” से प्रेरित होकर केवीआईसी राष्ट्र सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने खादी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कभी ब्रांड्स प्राथमिकता थे, लेकिन अब खादी हमारी प्राथमिकता बन गई है। खादी अब केवल वस्त्र नहीं, बल्कि पूज्य बापू द्वारा प्रदत्त ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सशक्त आधार है।

श्री मनोज कुमार ने बताया कि खादी ने अब ‘फार्म टू फैशन’ तक सभी उद्योगों को जोड़ते हुए “हर घर स्वदेशी” का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। पिछले 11 वर्षों में इसका स्वरूप पूरी तरह बदला है और खादी का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये की सीमा पार कर चुका है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केवीआईसी आज कुटीर उद्योगों की सबसे मजबूत कड़ी बन चुका है, जो दिन-रात कारीगरों के साथ मिलकर स्वदेशी को वैश्विक मंच तक ले जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के कथन “हम देश के लिए सहेंगे, लेकिन आत्मनिर्भर भारत बनाकर रहेंगे” का संदर्भ देते हुए उन्होंने डिजिटल इंडिया और बच्चों के लिए सशक्त भारत की संकल्पना को दोहराया।

इस अवसर पर केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री रूपराशि ने कहा कि ‘सेवा पर्व’ और जीएसटी लाभ जैसे प्रयासों से नई पीढ़ी को खादी और स्वदेशी के मूल्यों का वास्तविक बोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि खादी सिर्फ वस्त्र नहीं, बल्कि कारीगरों और जनसाधारण के सहयोग का प्रतीक है, जिसमें आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान की शक्ति निहित है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा खादी का राजदूत बन सकता है।

खादी महोत्सव के अवसर पर केंद्रीय कार्यालय मुंबई में अधिकारियों व कर्मचारियों ने ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से स्वदेशी का संकल्प लिया। पारंपरिक खादी परिधान में उन्होंने ‘खादी यात्रा’ निकाली। इसके साथ ही एक रंग-बिरंगी स्वदेशी रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ, जिसमें सभी ने सक्रिय भागीदारी की।

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