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कृषि क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग को सशक्त बनाने पर सहमति, नई साझेदारी और व्यापार विस्तार की दिशा में कदम

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और रूस की कृषि मंत्री सुश्री ओक्साना लुट के बीच भारत-रूस कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय बैठक 4 दिसंबर 2025 को कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग की समीक्षा की, कृषि व्यापार को और बढ़ाने पर चर्चा की और भविष्य के लिए नई साझेदारियों की रूपरेखा तय की।

कृषि क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग को सशक्त बनाने पर सहमति, नई साझेदारी और व्यापार विस्तार की दिशा में कदम

बैठक का केंद्र बिंदु विश्वास, आपसी मित्रता और पारस्परिक सहयोग पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना रहा। श्री चौहान ने कहा कि भारत-रूस संबंध ऐतिहासिक गहराई और रणनीतिक सहयोग के आधार पर निरंतर मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने वर्तमान में लगभग 3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय कृषि व्यापार को सकारात्मक संकेत बताया, साथ ही इस व्यापार में और संतुलन लाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कृषि व्यापार को बढ़ाने पर जोर

श्री चौहान ने रूसी सरकार द्वारा भारतीय आलू, अनार और बीजों के निर्यात से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने इसे दोनों देशों के किसानों और बाजारों के लिए लाभकारी कदम बताया और रूस के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में दोनों पक्षों ने खाद्यान्न और बागवानी उत्पादों सहित विभिन्न कृषि वस्तुओं के व्यापार को बढ़ाने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।

इस दौरान भारत से खाद्यान्न, सब्जी, फल और अन्य मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का भी पता लगाया गया। दोनों देशों ने आश्वस्त किया कि बाजार पहुंच और व्यापार प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर किसानों, निर्यातकों और कृषि उद्योग को लाभ पहुंचाया जाएगा।

अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए एमओयू

बैठक के दौरान कृषि अनुसंधान और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और रूस के फेडरल सेंटर फॉर एनिमल हेल्थ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विशेष रूप से पशु स्वास्थ्य, अनुसंधान नवाचार, रोग नियंत्रण और वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्री चौहान ने कहा कि उन्नत वैज्ञानिक सहयोग और साझा अनुसंधान से भारत और रूस दोनों देशों के कृषक समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे उत्पादन क्षमता, रोग नियंत्रण और कृषि तकनीक में सुधार आएगा।

ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में भागीदारी का निमंत्रण

केंद्रीय कृषि मंत्री ने रूसी प्रतिनिधिमंडल को अगले वर्ष भारत में आयोजित होने वाली ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। यह सम्मेलन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और बाजार सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी

द्विपक्षीय बैठक में रूस की ओर से डिप्टी मिनिस्टर श्री मैक्सिम मार्कोविच, डिप्टी मिनिस्टर सुश्री मरीना अफोनिना, एफएसवीपीएस के प्रमुख श्री सर्गेई डंकवर्ट और एशिया प्रभाग की निदेशक श्रीमती डारिया कोरोलेवा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव श्री एम. एल. जाट, उर्वरक विभाग के सचिव श्री रजत कुमार मिश्र, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि, संयुक्त सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

नई साझेदारी, साझा लाभ

बैठक में दोनों देशों ने कृषि व्यापार, उर्वरक क्षेत्र, बीज प्रौद्योगिकी, बाजार पहुंच, संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। यह सहयोग किसानों के हितों को सशक्त करेगा और कृषि क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए नई संभावनाओं को जन्म देगा। सुश्री ओक्साना लुट ने कृषि व्यापार विस्तार और साझेदारी को मजबूत करने में रूस की गहरी रुचि व्यक्त की तथा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को आवश्यक बताया।

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