बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग छत्तीसगढ़ शाससन के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में साहित्यिक उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए नगर के विख्यात लेखक साहित्यकार सुरेश सिंह बैस को सम्मानित किया गया है। दो दिवसीय संपन्न हुए वृहद साहित्य छत्तीसगढ़ी भाषा के विषद गोष्टी परिचर्चा व कवि समागम के अवसर पर सुरेश सिंह बैसस शाश्वत द्वारा अपनी एक छत्तीसगढ़ी में लिखित रचना का सस्वर पाठ किया गया जिसे खास कर छत्तीसगढ़िया वासियों ने दिल हृदय से भूरी भूरी प्रशंसा कर बधाइयां दी। सम्मेलन के मंच से पाठ की गई कविता उनकी इस प्रकार है।
मैं हववं बिलासा अरपा के बेटा
मैं हर अरपा माई के लहर म खेल-खेल के बढ़ेंव।
ओखर रेत मं नंगे पांव चलत चलत…..
ममता के मतलब सीखेंव।
अरपा माई, तंय मोर पहिली गुरू हस,
तहीं मोला संघर्ष में बहना सिखाए हावस।
बिलासा माई,तंय तौ मोर जननी हस,
तोर कोख ले मोर जनम होइसे दाई।
तोरे माटी में पलेंव-बढ़ेंव,मोर दाई
तोर आंचल में सपना सजाएंव हवं
अरपा माई के रेत मं मोर हंसी लोटाइस,
बचपन, जवानी आज घलो ऊंही मुस्काइसे।
एक माई मोर नस-नस मं बहत हावय,
दूसर माई मोर छाती के धड़कन हावय।
अरपा अउ बिलासा, दूनोंच्च मोर माई आय।
एक हर जिनगी सिखाइस,
अउ एक हर जिनगी ल संवारिस ।
जनम पाएंव हंव बिलासा धरती मं,
जिनगी सुघर,घलो इंही पांएंव
अगला जनम ल घलो इंही धरती मं मांगेव हववं।
मोर आखिरी सांसों होही घलो इंही माटी मं,
मोर जनम अउ मोर धरम, हो गय हे धन्न दाई मन
मोला अपन जनम भूमि दाई अरपा बर हावय भारी गरब
हर जनम म तुम्हरे गोद के ममता पांवंव
तोरे मिट्टी तोरे गोद होवय, जब मैं दुनिया ले जावंव।।
ज्ञात हो इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा आगामी माह में बिलासपुर शहर में राजभाषा आयोग का जिला सम्मेलन किए जाने की घोषणा की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा सुरेश सिंह बैस शाश्वत द्वारा लिखित पुस्तक प्रकाशित करने की भी सहमति दी गई है। इस अवसर पर डॉ. विनय कुमार पाठक पूर्व छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग अध्यक्ष एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपाल गंज, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राघवेंद्र कुमार दुबे, जिला समन्वयक डॉ. विवेक तिवारी, शीतल प्रसाद पाटनवार, भूपेंद्र श्रीवास्तव, दीपक दुबे, बालमुकुंद श्रीवास, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. आशीष श्रीवास, मनोहर लाल मानिकपुरी, रामनिहोरा राजपूत, राजेश सोनार इत्यादि अंचल के साहित्यकारों ने श्री बैस को बधाईयां व शुभकामनाएं दीं । एवीके न्यूज सर्विस