भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ब्रिक्स महिला कार्य समूह की पहली प्रारंभिक बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक ने न केवल बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा दी, बल्कि महिला सशक्तिकरण को वैश्विक नीति विमर्श के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई।
बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों—ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र महिला (UN Women) और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) जैसे प्रमुख ज्ञान साझेदार भी इस चर्चा का हिस्सा बने।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अपर सचिव, सुश्री कैरालीन खोंगवार देशमुख ने बैठक का उद्घाटन करते हुए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और चर्चा के लिए एक सहयोगात्मक वातावरण तैयार किया। उन्होंने भारत की अध्यक्षता के मूल विषय—‘प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’—को रेखांकित करते हुए कहा कि यह थीम वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक है।
बैठक में महिलाओं से संबंधित वैश्विक मुद्दों और साझा चिंताओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें चार प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों में विभाजित किया गया। पहला क्षेत्र शासन और नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने से संबंधित था, जिसमें नीति-निर्माण और प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। दूसरा क्षेत्र वित्तीय और डिजिटल समावेशन का रहा, जिसमें महिलाओं की बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल तकनीकों और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
तीसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र महिला उद्यमिता और कौशल विकास रहा, जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए सक्षम करने पर विचार किया गया। चौथा क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और पोषण में महिलाओं की भूमिका से जुड़ा था, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि महिलाएं इन क्षेत्रों में परिवर्तन की प्रमुख एजेंट बन सकती हैं।
इस बैठक ने महिला नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से पुनः स्थापित किया। यह दृष्टिकोण महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, सामाजिक परिवर्तन और शासन के सक्रिय वाहक के रूप में देखता है।
ब्रिक्स सदस्य देशों ने अपने वक्तव्यों में भारत को उसकी अध्यक्षता के लिए बधाई दी और प्रस्तावित प्राथमिकता क्षेत्रों का समर्थन करते हुए सहयोग, ज्ञान-साझेदारी और पारस्परिक सीखने की भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। विभिन्न देशों के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान इस बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में से एक रहा।
बैठक में हुई चर्चाओं के निष्कर्ष आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों की दिशा तय करेंगे। ये निष्कर्ष केरल के कोच्चि में 6–7 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली ब्रिक्स महिला कार्य समूह की बैठक तथा 8–9 जुलाई 2026 को प्रस्तावित ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे।