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एलईडीसी की चौथी बैठक में लाइव इवेंट्स सेक्टर पर व्यापक समीक्षा

भारत को लाइव इवेंट्स के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री चंचल कुमार की अध्यक्षता में लाइव इवेंट्स डेवलपमेंट सेल (एलईडीसी) की चौथी बैठक विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक में 9 केंद्रीय मंत्रालयों, 6 राज्यों और 12 उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे एक बहु-हितधारक नीति मंच का स्वरूप प्रदान किया।

बैठक के दौरान भारत के तेजी से उभरते लाइव इवेंट्स क्षेत्र की प्रगति और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025 में 145 अरब रुपये के मूल्य के साथ यह क्षेत्र मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग का सबसे तेजी से बढ़ने वाला खंड बनकर सामने आया है। इस प्रवृत्ति को देखते हुए सरकार ने इसे संरचित विकास के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जुलाई 2025 में स्थापित एलईडीसी का उद्देश्य इस क्षेत्र को संस्थागत समर्थन प्रदान करना है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों को शामिल किया गया है, ताकि नीतिगत समन्वय और कार्यान्वयन में दक्षता लाई जा सके। एलईडीसी का दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत को वैश्विक लाइव इवेंट्स हब के रूप में स्थापित करना है, साथ ही 15 से 20 मिलियन अतिरिक्त रोजगार सृजित करना भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

बैठक में सचिव (एमआईबी) श्री चंचल कुमार ने कहा कि लाइव इवेंट्स सेक्टर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह पर्यटन, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में व्यापक आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण इंजन है। उन्होंने इस क्षेत्र के लिए एक समन्वित और कार्यान्वयन-उन्मुख रोडमैप तैयार करने में एलईडीसी की भूमिका को निर्णायक बताया।

एमआईबी के संयुक्त सचिव (प्रसारण) श्री पृथुल कुमार ने विभिन्न पहलों की प्रगति पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया that इंडिया सिने हब (आईसीएच) पोर्टल के माध्यम से लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम विकसित किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को राज्यों द्वारा अपनाए जाने से अनुमोदन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित होगी, जो निवेशकों और आयोजकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगा।

इसके अतिरिक्त, लाइसेंसिंग और परमिशन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए “मॉडल एग्जीक्यूटिव ऑर्डर, 2026” को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। यह ढांचा 13 मार्च 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया गया था, जिसकी कार्यान्वयन समयसीमा 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में एक समान और सरलीकृत नियामक व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे उद्योग के संचालन में अनिश्चितता और जटिलताओं को कम किया जा सके।

बैठक में “ग्रीनफील्ड वेन्यू डेवलपमेंट” और कौशल विकास से संबंधित मसौदा अवधारणाओं पर भी चर्चा हुई। यह माना गया कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित मानव संसाधन के बिना इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि संभव नहीं है। इसी संदर्भ में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल (एमईएससी) और इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन (ईईएमए) के सहयोग से लाइव इवेंट्स से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।

अपने संबोधन में श्री चंचल कुमार ने केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से यह आश्वासन दिया कि लाइव इवेंट्स के आयोजन को सरल, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब प्राथमिकता नीतियों के निर्माण से आगे बढ़कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर होनी चाहिए।

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