वाराणसी— डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय, सोयेपुर, लालपुर और उदय प्रताप ऑटोनॉमस कॉलेज, वाराणसी के भूगोल विभागों ने आज विद्या एवं अनुसंधान के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु एक विस्तृत मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों संस्थाओं के भूगोल विभागों के बीच शैक्षणिक, अनुसंधान एवं सामुदायिक पहल को बढ़ावा देने के लिए निर्देशित है।
समझौते के अनुसार दोनों विभाग शिक्षण–अध्यापन, क्षेत्रीय सर्वेक्षण, जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग प्रशिक्षण, पर्यावरणीय अध्ययन, क्लाइमेट चेंज तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इसके अंतर्गत शोध-पत्रों का आदान-प्रदान, सम्मेलनों व कार्यशालाओं का सह-आयोजन, छात्रों व प्राध्यापकों का इंटर्नशिप एवं आदान-प्रदान, तथा क्षेत्रीय सर्वेक्षण व परियोजनाओं पर संयुक्त शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा।
डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय के प्रतिनिधि ने बताया कि यह साझेदारी स्थानीय और क्षेत्रीय समस्याओं पर आधारित अभिनव अध्ययन, सामुदायिक–आधारित परियोजनाओं और क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएगी। दोनों पक्षों ने अकादमिक संसाधनों जैसे मानचित्र, डेटासेट, प्रयोगशाला व जीआईएस सुविधाओं, तथा शिक्षण-सामग्री साझा करने पर सहमति व्यक्त की है—जिसे संस्थागत नीतियों एवं उपलब्धता के अनुसार लागू किया जाएगा।

यह MoU शैक्षणिक बौद्धिक संपदा (IPR) का आदर करते हुए किसी भी संयुक्त रूप से उत्पन्न बौद्धिक संपदा के प्रावधानों को संबंधित संस्थागत नीतियों के अनुरूप विनियमित करेगा। वित्तीय व्यवस्था के संबंध में बताया गया कि यह समझौता स्वाभाविक रूप से किसी प्रत्यक्ष वित्तीय दायित्व का सृजन नहीं करता; किन्तु विशिष्ट कार्यक्रमों के व्यय पर दोनों पक्ष अलग से लिखित सहमति से निर्णय लेंगे।
समझौते की अवधि आज के हस्ताक्षर की तिथि से पांच वर्षों के लिए निर्धारित की गई है और परस्पर सहमति से इसे नवीनीकृत किया जा सकता है। किसी भी पक्ष द्वारा छह माह पूर्व सूचित कर यह MoU समाप्त भी किया जा सकता है; तथापि, समाप्ति के बाद भी जारी परियोजनाएँ अपने निर्धारित कार्य-समाप्ति तक पूर्ण की जाएँगी।
दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने संयुक्त बयानों में कहा कि यह सहयोग न केवल शैक्षणिक विनिमय और शोध-क्षेत्रों को समृद्ध करेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए व्यावहारिक तथा नीति-समर्थित समाधान तैयार करने में भी सहायक सिद्ध होगा। समझौते पर दोनों संस्थानों के प्राचार्यों के हस्ताक्षर किए जाएंगे तथा दो प्रतियों में इस दस्तावेज़ पर सहमति दर्ज की गई।
इस अवसर पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ संकाय, विभागाध्यक्ष और कर्मचारी उपस्थित रहे जिन्होंने भविष्य में साझा परियोजनाओं, कार्यशालाओं तथा क्षेत्रीय सर्वेक्षणों की रूपरेखा पर चर्चा की।
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इस अवसर पर दोनों महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के भूगोल विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो० अंजू सिंह, प्रो० पंकज कुमार सिंह (प्रोफेसर) एवं डॉ० घनश्याम सिंह महाविद्यालय, भूगोल विभाग से डॉ० आनंद सिंह, (विभागाध्यक्ष) सुश्री खुशबू सिंह (सहायक प्राध्यापिका) एवं डॉ० मुकेश विश्वकर्मा( सहायक प्राध्यापक) उपस्थित रहे, जिन्होंने भविष्य में साझा परियोजनाओं, कार्यशालाओं तथा क्षेत्रीय सर्वेक्षणों की रूपरेखा पर चर्चा की।