वाराणसी: उच्च शिक्षा, शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय तथा उदय प्रताप स्वायत्तशासी कॉलेज के मध्य एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता वाराणसी में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, शोध, नवाचार एवं छात्र विकास से जुड़े क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।
इस अवसर पर डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह तथा उदय प्रताप ऑटोनॉमस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। दोनों शिक्षाविदों ने इस साझेदारी को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से सेमिनार, कार्यशाला, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP), राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध परियोजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम तथा छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट, शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों और शिक्षकों को नई शैक्षणिक संभावनाएँ प्रदान करेगा तथा शोध एवं नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करेगा। वहीं प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि दोनों संस्थानों का यह सहयोग उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।
एमओयू के अनुसार दोनों संस्थान शोध प्रकाशनों, शैक्षणिक सामग्री, ई-कंटेंट, प्रयोगशाला संसाधनों एवं अन्य अकादमिक संसाधनों का आदान-प्रदान भी करेंगे। साथ ही सामाजिक जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियों में भी संयुक्त रूप से सहभागिता करेंगे।
यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से आगामी पाँच वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा पारस्परिक सहमति से इसका विस्तार भी किया जा सकेगा। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वानों एवं शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वाराणसी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक एवं दूरदर्शी कदम बताया है।
इस अवसर पर दोनों महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के भूगोल विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. अंजू सिंह, प्रो. पंकज कुमार सिंह (प्रोफेसर) एवं डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय, भूगोल विभाग से डॉ. आनंद सिंह, (विभागाध्यक्ष) सुश्री खुशबू सिंह (सहायक प्राध्यापिका) एवं डॉ. मुकेश विश्वकर्मा (सहायक प्राध्यापक) उपस्थित रहे, जिन्होंने भविष्य में साझा परियोजनाओं, कार्यशालाओं तथा क्षेत्रीय सर्वेक्षणों की रूपरेखा पर चर्चा की।