पीएमकेवीवाई का वर्तमान चरण यानी पीएमकेवीवाई 4.0 वित्तीय वर्ष 2022-23 से लागू किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत, मुख्य ध्यान प्रशिक्षित उम्मीदवारों को अपना पसंदीदा करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाना है और उन्हें ऑन-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) से जुड़े उद्योग-प्रासंगिक कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से इसके लिए उचित रूप से अभिविन्यस्त किया जाता है।
गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) समय-समय पर पीएमकेवीवाई का स्वतंत्र मूल्यांकन करता है। हाल ही में, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा असम राज्य सहित पूरे देश में पीएमकेवीवाई 4.0 का एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष प्रभाव मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने एसटीटी उम्मीदवारों के लिए रोजगार के परिणामों में एक मापने योग्य बदलाव लाने में योगदान दिया है। नियोजित और स्व-रोजगार प्राप्त एसटीटी उत्तरदाताओं का कुल हिस्सा प्रशिक्षण से पहले के 26.6% से बढ़कर प्रशिक्षण पश्चात 45.4% हो गया, जो कि 18.8 प्रतिशत अंक की वृद्धि को दर्शाता है। आय से जुड़े परिणामों में भी सकारात्मक सुधार देखा गया है, जिसमें 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद अपनी आय में वृद्धि दर्ज की है।
यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।