” राजेश कर रहे गंगा स्वच्छता का भगीरथ प्रयास”
मां गंगा की बाढ़ के चलते हमेशा गुलजार रहने वाले गंगा के ऐतिहासिक घाटों पर भले ही श्रद्धालुओं की आवाजाही कम है, लेकिन नमामि गंगे के गंगा सेवक राजेश शुक्ला की ओर से गंगा की तलहटी से कचरा निकालने का अभियान बदस्तूर जारी है । बुधवार को गंगा में बह कर आयी कई प्रकार की सामग्रियों को निकाल कर कूड़ेदान तक पहुंचाया गया ।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला का निवेदन यही है की गंगा मात्र एक नदी ही नहीं बल्कि भारत की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी की प्राण है, जो गोमुख से लेकर गंगा सागर तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड़ और बंगाल की भूमि को सींचती है। देश दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र होने के साथ ही गंगा करोड़ों जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का आश्रय स्थल भी है। तो वहीं हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग भी है गंगा। लेकिन आधुनिकीकरण की अनियमित दौड़ ने गंगा को प्रदूषित कर दिया । कहा कि गंगा हमारी है गंगा के घाट हमारे हैं इसलिए स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हमारी है ।