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कब तक अधूरा रहेगा अपराधमुक्त राजनीति का काम

आगामी पांच राज्यों में विधानसभा एवं अगले वर्ष लोकसभा चुनाव की आहट के साथ एक बार…

इंडिया महागठबंधन की बड़ी बाधा न बन जाये ‘आप’

आज की राजनीति सत्ताकांक्षी अधिक है, जबकि उसका मूल लक्ष्य राष्ट्र-निर्माण एवं राष्ट्र उन्नति कहीं गुम…

चुनाव कब तक विसंगतियों पर सवार होते रहेंगे?

लोकसभा एवं पांच प्रांतों में विधानसभा चुनाव सन्निकट है, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं,…

झारखंड की राजनीति में बड़े नाम के तौर पर उभर रहे हैं संजय मेहता

संजय मेहता झारखंड की राजनीति में एक उभरता हुआ नाम। एक ऐसा नाम जो गरीबों -…

मोदी-विरोध के नाम पर देश-विरोध क्यों?

एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने के इरादे से लद्दाख…

दिल्ली बिल से लोकतंत्र जीता, आप हारी

आखिरकार केजरीवाल सरकार के अधिकार सीमित करने वाला दिल्ली सर्विस बिल राज्यसभा में भी पास हो…

आसान होने के बावजूद क्यों मुश्किल है समान नागरिकता कानून बहाल करना

प्रधानमंत्री के समान नागरिक संहिता यूसीसी के समर्थन में बयान के बाद ऐसा लगता है कि…

अब सार्थक बहस हो एवं संसद सुचारु चले

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का…

हंगामें एवं गतिरोध के बीच गरिमा खोते संसदीय मंच

भारत की संसदीय प्रणाली दुनिया में लोकप्रिय एवं आदर्श है, बावजूद इसके सत्ता की आकांक्षा एवं…

इंडिया बनाम एनडीए: दल मिले अब दिल मिले तो बात बने

इसी हफ्ते दो अहम बैठकों पर पूरे देश की निगाहें थी। बंगुलरू में विपक्ष मोर्चे में…

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